खारून-शिवनाथ के पावन संगम में स्नान कर स्वयंभू शिवलिंग पर चढ़ा रहे जल, कल सावन के दूसरे सोमवार पर उमड़ेगा भक्तों का सैलाब
तिल्दा-नेवरा। सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। इस पावन माह में तिल्दा ब्लॉक के अंतिम छोर पर बसे ग्राम लखना सोमनाथ स्थित भगवान शिव मंदिर में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। खारून और शिवनाथ नदियों के पवित्र संगम के समीप स्थित इस प्राचीन मंदिर में स्थापित स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन और जलाभिषेक के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
मान्यता है कि यहां विराजमान स्वयंभू शिवलिंग तिल-तिल बढ़ता है। यही आस्था भक्तों को बार-बार इस पवित्र स्थल तक खींच लाती है। श्रद्धालु खारून-शिवनाथ के संगम में आस्था की डुबकी लगाकर पवित्र जल भरते हैं और कांवड़ यात्रा के माध्यम से भगवान शिव के दरबार में पहुंचकर शिवलिंग पर जल अर्पित करते हैं। भक्तों का विश्वास है कि सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने पर उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

शिवभक्ति के साथ सेवा का भी अनूठा संगम
लखना सोमनाथ में सावन के दौरान सिर्फ भगवान शिव की भक्ति ही नहीं, बल्कि सेवा और मानवता की मिसाल भी देखने को मिलती है। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए कई समाजसेवी और शिवभक्त अपनी सामर्थ्य के अनुसार भोजन, प्रसादी और शीतल पेय की व्यवस्था करते हैं। कई लोग आपस में सहयोग कर भंडारे का आयोजन करते हैं तो अनेक भक्त स्वयं आगे आकर श्रद्धालुओं को भोजन कराते हैं।

इसी सेवा भावना के तहत शनिवार को पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष महेश अग्रवाल के द्वारा भगवान शिव मंदिर के सामने विशाल भजन-भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसादी के रूप में भोजन ग्रहण किया।
भंडारे के दौरान सेवा की एक खूबसूरत तस्वीर भी देखने को मिली। महेश अग्रवाल और रमेश अग्रवाल स्वयं श्रद्धालुओं को भोजन परोसते नजर आए। उनके साथ अशोक यादव, मोतीलाल हिंदूजा, सत्य प्रकाश शर्मा एवं कृष्णकांत मिश्रा नीरज राठी ,सहित अन्य शिवभक्त भी पूरे सेवा भाव से श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे।
कल उमड़ेगा आस्था का सैलाब
सावन के दूसरे सोमवार को लखना सोमनाथ में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। शनिवार और रविवार से ही मंदिर परिसर और संगम स्थल पर भक्तों की भीड़ बढ़ने लगी है। सोमवार को कांवड़ लेकर पहुंचने वाले श्रद्धालु संगम में स्नान कर पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
लखना सोमनाथ में सावन के दौरान आस्था, कांवड़, जलाभिषेक और सेवा का यह संगम पूरे क्षेत्र में भक्ति का अद्भुत वातावरण निर्मित कर रहा है।

