विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का भव्य स्वागत, मेधावियों का सम्मान, 32 छात्राओं को मिली साइकिल, शिक्षा किट व शैक्षणिक सामग्री का वितरण
तिल्दा-नेवरा-विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव सोमवार को बीएनबी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में उत्साह, उल्लास और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस समारोह में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का गुलाल का तिलक लगाकर, पुष्पहार पहनाकर और मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया गया। विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, स्कूल बैग एवं पानी की बोतलें वितरित की गईं, जबकि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा किट एवं सहायक उपकरण प्रदान किए गए। वहीं विकासखंड के कक्षा 10वीं एवं 12वीं की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
समारोह का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इसके बाद “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत विद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

अपने ओजस्वी एवं प्रेरक संबोधन में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि “जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। संकल्प, संस्कार, अनुशासन और सतत संघर्ष ही सफलता की सबसे मजबूत सीढ़ियां हैं। जो विद्यार्थी लक्ष्य तय कर पूरी निष्ठा, धैर्य और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं, वही इतिहास रचते हैं। परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, लक्ष्य से कभी विचलित नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, अनुशासन और मेहनत को जीवन का मूल मंत्र बनाना चाहिए। उन्होंने एक बांध निर्माण की प्रेरक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आधुनिक तकनीक का अद्भुत समन्वय है। आज के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित नई तकनीकों में दक्ष बनने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार और नैतिक मूल्यों को भी आत्मसात करना होगा। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत रुको” का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से जीवन में निरंतर परिश्रम, संघर्ष और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के प्रत्येक विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
जनपद पंचायत अध्यक्ष टिकेश्वर मनहरे ने शिक्षकों से विद्यार्थियों को माता-पिता की तरह स्नेह, संस्कार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का आग्रह किया। जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने कहा कि शासन की विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान जेबी इंटरनेशनल स्कूल, केरला पब्लिक स्कूल एवं कार्मल पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। बीएनबी विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने आकर्षक मार्चपास्ट एवं पुष्पवर्षा कर अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री ने 32 छात्राओं को निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया तथा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण किया। विकासखंड को पूर्ण साक्षर बनाने के उद्देश्य से उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को उल्लास साक्षरता अभियान की शपथ भी दिलाई।
समारोह में नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रकला वर्मा, जिला पंचायत सभापति स्वाति वर्मा, शैल महेंद्र साहू, दुलारी सुरेंद्र वर्मा, राम पंजवानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत जिला शिक्षा अधिकारी सतीश नायर, जिला समन्वयक अरुण शर्मा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीलाधर सिन्हा, विकासखंड समन्वयक देवेंद्र ठाकुर, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीकेश्वर जाहिरे, बीएनबी विद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश चदानी, डॉ. सुभाषचंद्र शर्मा, ईशा रानी खलको सहित अन्य प्राचार्यों ने किया।
कार्यक्रम में मनोज निषाद, नरसिंह वर्मा, सुरेश वर्मा, डॉ. लक्ष्मण साहू, शिक्षा सभापति नरेंद्र शर्मा, सौरभ जैन, अनुराधा वर्मा, राजकुमार गेंडरे, संकुल समन्वयक, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नरोत्तम ध्रुव एवं ऋषि कुमार वर्मा ने किया।
शाला प्रवेश उत्सव केवल नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ नहीं रहा, बल्कि शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और साक्षरता के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रेरक मंच भी बना। मंत्री टंकराम वर्मा का संदेश विद्यार्थियों को लक्ष्य, संघर्ष और चरित्र निर्माण के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा, वहीं मेधावियों के सम्मान और छात्राओं को साइकिल वितरण जैसे कार्यक्रमों ने मारोह को यादगार बना दिया।

