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“यह कुर्सी है, तुम्हारा जनाजा नहीं”, भूपेश बघेल का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

भूपेश बघेल ने देश और प्रदेश में पेट्रोल डीजल संकट, खाद की कमी, सुशासन तिहार और ब्लैकआउट पर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला.

रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पेट्रोल डीजल संकट, खाद की कमी, बिजली व्यवस्था और सुशासन तिहार को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला.

रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल डीजल की भारी किल्लत है, कई पेट्रोल पंप सूख चुके हैं और जहां ईंधन उपलब्ध है वहां लंबी कतारें लगी हुई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आम जनता पर नियम लागू कर रही है लेकिन खुद उसका पालन नहीं कर रही. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एक तरफ लोगों को हवाई यात्रा से बचने की सलाह देते हैं, वहीं खुद विदेश दौरों पर निकल जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए देश को संकट में डाला जा रहा है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश से आने वाले तेल को रिफाइंड कर दूसरे देशों में बेचा जा रहा है जबकि देश के लोग पेट्रोल-डीजल के लिए परेशान हैं. उन्होंने कहा कि रूस और ईरान तेल और एलपीजी देने के लिए तैयार हैं, लेकिन अमेरिका के दबाव में भारत सरकार निर्णय नहीं ले पा रही. बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा “आप 140 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं, लेकिन आपकी हरकतें बता रही हैं कि आप केवल अडानी के प्रधानमंत्री बनकर रह गए हैं.”

जब पत्रकारों ने पीएम मोदी के उस बयान पर सवाल पूछा जिसमें उन्होंने ईंधन संकट को लेकर गंभीर चेतावनी दी थी, तब भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने कहा कि यदि हालात सरकार के नियंत्रण से बाहर हैं तो जिम्मेदारी लेनी चाहिए. उन्होंने कहा “यह कुर्सी है तुम्हारा जनाजा नहीं है, कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते. भाजपा का कोई दूसरा प्रधानमंत्री बनेगा, वह ठीक कर लेगा, लेकिन देश को बर्बाद मत होने दीजिए.”

कृषि मंत्री के संभावित खाद संकट वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही खाद की कमी है. उन्होंने कहा कि अप्रैल में किसानों द्वारा खाद उठाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती थी लेकिन मई का आधा महीना बीतने के बाद भी किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रहा.

भूपेश बघेल ने मीडिया के जरिए किसानों से कहा कि प्रधानमंत्री जैविक खेती की बात कर रहे हैं लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को खाद नहीं मिल रहा है. बघेल ने गांव की महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे वर्मी कंपोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों को आत्मनिर्भर बनना होगा, क्योंकि सरकार के भरोसे रहने पर आने वाला समय कठिन हो सकता है.

प्रधानमंत्री द्वारा भारत को ओलंपिक मेजबानी, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी हब बनाने के विजन पर भी भूपेश बघेल ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि खेल आयोजन का विरोध नहीं है, लेकिन जब देश संकट से गुजर रहा हो तब सरकार को प्राथमिकता तय करनी चाहिए. उन्होंने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर पेट्रोल-डीजल नहीं होगा तो लोग घरों से बाहर तक नहीं निकल पाएंगे.

राजधानी रायपुर में बारिश के बाद हुए ब्लैकआउट और बिजली विभाग की व्यवस्थाओं पर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि बिजली नहीं रहने से लोगों को पानी तक नहीं मिला, गर्मी में लोग बिना पंखे-कूलर के रात गुजारने को मजबूर हुए.उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ कार्यक्रम और प्रचार में व्यस्त है.

भूपेश बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुशासन तिहार मना रहे हैं लेकिन आम जनता उनसे मिल नहीं पा रही. उन्होंने दावा किया कि मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों में भी हताशा दिखाई दे रही है. भाजपा कार्यकर्ता और व्यापारी वर्ग भी अंदर ही अंदर परेशान हैं लेकिन कार्रवाई के डर से खुलकर बोल नहीं पा रहे.

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