मनेंद्रगढ़–छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है… जहां एक महिला ने अस्पताल स्टाफ पर प्रसव के दौरान गंभीर लापरवाही और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं… आरोप है कि नॉर्मल डिलीवरी के दौरान स्टाफ नर्सों ने पेट पर चढ़कर प्रसव कराया… और इस दौरान नवजात की मौत हो गई…बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है… जहां प्रसव के लिए भर्ती महिला ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के दौरान स्टाफ ने अमानवीय तरीका अपनाया… महिला का कहना है कि नर्सों ने पेट पर दबाव बनाने के लिए चढ़कर प्रसव कराया…

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद अस्पताल स्टाफ ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया… और शिकायत करने पर मारपीट की धमकी तक दी गई… इस घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है… और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है…उन्होंने कहा “हमें इंसाफ चाहिए… हमारे बच्चे की जान गई है… दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए…”महिला ने कहा मै कहती हु जनकपुर अस्पताल को ई न जाए
हालांकि, इन आरोपों को ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. रमन ने खारिज किया है… उनका कहना है कि अस्पताल स्टाफ पर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं…अस्पताल स्टाफ द्वारा किसी तरह की लापरवाही नहीं की गई है…”
, मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे ने जांच के आदेश दिए हैं… उन्होंने कहा है कि एक जांच टीम बनाई जाएगी… और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी…मामले की जांच कराई जाएगी… जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी…
– CMHO डॉ. अविनाश खरे“
”फिलहाल इस पूरे मामले की जांच का इंतजार है…लेकिन सवाल यह है कि आखिर स्वास्थ्य केंद्रों में इस तरह के आरोप कब तक सामने आते रहेंगे…छत्तीसगढ़ में ऐसे तो स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की लापरवाही की कई तस्वीरें सामने आ चुकी है ..कहीं डॉक्टर नहीं थे, कहीं नर्सों की कमी से डिलीवरी टलती रही…कभी अंधेरे में प्रसव, कभी फर्श पर, तो कभी सड़क या गाड़ी में बच्चे का जन्म…लेकिन अब जो सामने आया है, वो और भी चौंकाने वाला है…सवाल ये है कि क्या स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी बदहाल हो चुकी है कि जिंदगी बचाने के नाम पर ऐसे खतरनाक तरीके अपनाए जा रहे हैं?छत्तीसगढ़ में ऐसी खबरें बार-बार सामने आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं

