बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में फर्जी दस्तावेज के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने का बड़ा मामला सामने आया है। प्राथमिक शाला कोल्हुआ में पदस्थ प्रधान पाठक को जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी शिक्षक ने दूसरे नाम और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शासकीय सेवा प्राप्त की थी। इस मामले के उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
बलरामपुर जिले के प्राथमिक शाला कोल्हुआ में पदस्थ प्रधान पाठक लालमन सिंह के खिलाफ लंबे समय से शिकायत मिल रही थी। शिकायत के बाद कलेक्टर के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। जांच में नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों में गंभीर गड़बड़ी सामने आई। जांच अधिकारियों ने पाया कि प्रधान पाठक का वास्तविक नाम रामदुलार पिता जीतू है, जबकि उन्होंने लालमन पिता रामवृक्ष के नाम से दस्तावेज प्रस्तुत कर शासकीय नौकरी हासिल की।
इस मामले को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय रामचंद्रपुर निर्धारित किया गया है। साथ ही नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है और अब मामले में आगे विभागीय जांच की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है।

