शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं, ग्रामीणों ने माइनिंग विभाग पर मिलीभगत के लगाए आरोप
तिल्दा-नेवरा -तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में अवैध मुरूम उत्खनन का खेल लगातार जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई गांवों में जेसीबी और अन्य मशीनों से खुलेआम मुरूम की खुदाई की जा रही है, लेकिन शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध उत्खनन से खेतों और सरकारी भूमि पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे पर्यावरण और खेती दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, शिकायत करने के बाद भी न तो माइनिंग विभाग मौके पर पहुंचता है और न ही दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है। आरोप है कि कई मामलों में शिकायतकर्ता की पहचान भी उत्खनन करने वालों तक पहुंचा दी जाती है, जिसके बाद शिकायतकर्ताओं को धमकियों और मारपीट का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तिल्दा क्षेत्र से प्रतिदिन सैकड़ों हाईवा मुरूम लेकर निकलते हैं। उन्होंने सरपंचों और माइनिंग विभाग के कुछ अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि प्रति ट्रिप के हिसाब से अवैध वसूली का खेल चल रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि एसडीएम और तहसील कार्यालय के सामने से भी मुरूम से भरे हाईवा गुजरते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। जब अधिकारियों से इस संबंध में पूछा जाता है तो उनका जवाब होता है कि उन्हें शिकायत प्राप्त नहीं हुई है या यह मामला माइनिंग विभाग के अधिकार क्षेत्र का है।
भुरसुदा, सिनोधा, कोहका, कोटा, घुलघुल सहित दर्जनों गांवों में अवैध मुरूम उत्खनन होने का दावा किया जा रहा है। कई स्थानों पर गहरी और चौड़ी खुदाई के कारण विशाल गड्ढे बन गए हैं, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।इस संदर्भ में जब माइनिंग विभाग के भरतद्वाज हके म्बैल पर काल किया गया तो उसने कल रिसीव नही किया

