Homeछत्तीसगढ़जलती चुभती गर्मी का मौसम आया!आग की भट्ठी बना शहर 

जलती चुभती गर्मी का मौसम आया!आग की भट्ठी बना शहर 

सूरज के तेवर हुए और तेज, हालत ये कि इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हो रहे लोग

तिल्दा नेवरा –

गर्मी कहर बनकर टूट रही है। लोग परेशान हैं और फिलहाल गर्मी और तपिश से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। सोमवार को शहर का तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस पहंच गया .प्रचंड गर्मी से फिलहाल एक हफ्ते तक राहत की उम्मीद नहीं है।

तिल्दा नेवरा में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार के बाद सोमवार को भी तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे आमजन बेहाल नजर आए। तेज धूप व गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला, जबकि जरूरी काम से निकलने वाले लोग भी गर्मी से बचाव के उपाय करते नजर आए।

सुबह से ही तेज धूप का असर देखने को मिला, जो दोपहर तक और तीखा हो गया। लू जैसे हालात बन गए हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। शादी की सीजन के बाद भी बाजारों में भी भीड़ कम हो गई है और लोग सुबह-शाम के समय ही खरीदारी करना पसंद कर रहे हैं। गर्मी का असर पेयजल संकट पर भी पड़ रहा है। कई क्षेत्रों में जलस्तर नीचे जाने के कारण पानी की कमी महसूस की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में हैंडपंप व कुएं सूखने की स्थिति में हैं जिससे लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। इस भीषण गर्मी के बीच बाजारों में ठंडे पेय पदार्थों, शरबत, गन्ने के रस और मिट्टी के घड़ों की मांग बढ़ गई है। मठा भी पी रह हैं।

 

रात के समय चल रही गर्म हवा, राहत नहीं मिल रही गर्मी का असर अब रात के समय भी दिखाई देने लगा है। पूरी रात गर्म हवाएं चलने के कारण लोगों को कूलर व एयर कंडीशन का सहारा लेना पड़ रहा है। गत वर्ष की तुलना में इस साल तिल्दा अंचल में ग्रीष्मकालीन सीजन विलंब से शुरू हुआ। लेकिन शुरुआती दौर में ही तापमान सीधे 39 ,40.और 42 डिग्री है। !तेज पड रही गर्मी से लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे है ज्यादातर   इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हो रहेहै ,सकरी अस्पताल के प्राइवेट अस्पतालो में भी मरीजो की भीड़ लगीरहती है ।

हीट स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन का खतरा !

ब्लाक मेडिकल आफिसर आशीष सिन्हा ने लोगों को इस भीषण गर्मी में सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की ताकीद दी है । *ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं,* प्यास न लगने की स्थिति में भी आपको पानी पीने की सलाह दी जाती है.* ट्रैवलिंग के दौरान पानी की बोतल साथ रखें.*जूस, ORS, दही लस्सी, छाछ का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें.* सीजनल सब्जियां और फल खाएं. तरबूज खीरा संतरा जैसे हाई वॉटर कंटेट वाले फल खाएं.घर से बाहर निकलते हुए कॉटन के हल्के कपड़े पहलें. अपने शरीर को कवर रखें. बाहर निकलते वक्त टोपी, तौलिया या छाते का प्रयोग करें. धूप में बाहर न निकलें, खासकर दोपहर से 4 बजे तक घर ही में रहें.

मौसम की जानकारी के लिए अखबार, टीवी, रेडियो पर इससे जुड़ी खबरें पढ़ें और देखें.जितना ज्यादा हो सके घर में रहें. दिन के समय में घर के दरवाजें और खिड़कियां बंद रखें.बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें. घर से निकलने का वक्त शाम को या एकदम सुबह तय कर लें.

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