गार्डन में स्कूली छात्र-छात्रा अश्लील हरकत करते दिखे, वीडियो हुआ वायरल..
गार्डन में स्कूली छात्र-छात्रा अश्लील हरकत करते दिखे, वीडियो हुआ वायरल..

दुर्ग -आज के एआई के युग में लोग इतनी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं कि उन्हें खुद नहीं पता किस रास्ते पर चल रहे हैं । बच्चों से लेकर बड़े तक आधुनिकता को अपनाने के चक्कर में नैतिकता को खोकर सिर्फ आगे बढ़ने में लगे हुए हैं । आगे बढ़ने की इस होड़ में कुछ बच्चे गलत रास्ते पर चले जाते हैं , जिसका उनको बिल्कुल भी अंदाजा नहीं रहता है । कम उम्र में गलत रास्ता पकड़ने वाले स्कूली छात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है इस वीडियो ने मर्यादाओ को शर्मसार कर दिया है ..
ये पूरा मामला दुर्ग शहर के मालवीय नगर गार्डन का है ..यहाँ एक स्कूली छात्र और छात्रा आपत्तिजनक स्थिति में दिखे तो किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया . इस घटना ने इलाके वासियों में आक्रोश पैदा कर दिया . वीडियो में स्कूली छात्रा खुलेआम अश्लील हरकत करते नजर आ रही है। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि छात्रा स्कुल युनिफार्म में है और वह एक लड़के के साथ सड़क किनारे बने बाउंड्रीवाल पर बैठकर अश्लील हरकत कर रही है। छात्रा और लड़के का मुंह चुन्नी से ढका हुआ है लेकिन इस हरकत को एक राहगीर ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया।
बताया गया कि स्कूली छात्रा पास के ही एक सरकारी स्कूल में पढ़ाई करती है। वहीं, कहा जा रहा है कि वह स्कूल जाने के नाम पर घर से तो निकली लेकिन स्कूल ना जाकर ऐसे संदिग्ध हालात में नजर आई। राहगिरों ने मामले की जानकारी तत्काल डायल 112 को दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों मौके से फरार हो गए । लेकिन वायरल वीडियो के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया . स्थानीय लोगों ने मोहननगर थाने में शिकायत दर्ज कराई . इस पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छात्र और छात्रा को थाने में लाया गया . दोनों नाबालिग होने के कारण उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया . लेकिन पुलिस ने बच्चों के माता-पिता को थाना और उन्हें समझाया गया. पुलिस ने परिवारों को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी तथा भविष्य में सावधानी बरतने को कहा.
बता दे स्थानीय लोग लंबे समय से गार्डन में होने वाली ऐसी हरकतों से परेशान थे. मोहल्ले के निवासी बताते हैं कि गार्डन में खुलेआम ऐसी गतिविधियां चल रही थीं. सुनसान जगह होने के कारण युवा अक्सर यहां इकट्ठा हो जाते थे, जिससे परिवारों को असुविधा हो रही थी.



