आजीविका मिशन का आश्रय भवन बना सब्जी गोदाम, शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
तिल्दा-नेवरा।-गरीब और जरूरतमंद लोगों को रात में ठहरने की सुविधा देने के उद्देश्य से आजीविका मिशन के तहत बनाए गए आश्रय भवन पर कब्जे का मामला सामने आने के बाद नगर पालिका प्रशासन हरकत में आ गया। शिकायत मिलने पर नगर पालिका अमला अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचा और भवन को खाली कराकर अपने कब्जे में लेते हुए उस पर नगर पालिका का ताला लगा दिया।
आजीविका मिशन योजना से लाखो की लागत से करीब 1500 वर्गफीट क्षेत्र में बने इस दो मंजिला आश्रय भवन का निर्माण जरूरतमंद यात्रियों और असहाय लोगों के ठहरने के लिए किया गया था। भवन बनने के बाद इसे एक महिला समूह को संचालन के लिए दिया गया था। महिला समूह द्वारा लगभग चार वर्षों तक आश्रय भवन का संचालन किया गया, जहां जरूरतमंद लोगों को मात्र 20 से 40 रुपए किराए में रहने की सुविधा दी जाती थी।इस एवज में महिला सम्हुह को एक तय राशी अनुदान के रूप में शासन से दी जाती थी .लेकिन अब अनुदान राशी शासन से देना बंद कर दिया गया है ।उसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष भी बदल गया। कुछ दिन बाद आश्रय भवन को खाली करा लिया गया । और धीरे-धीरे भवन का उपयोग मूल उद्देश्य से हटकर होने लगा। भवन के सामने सब्जी दुकान लगाने वाला एक दुकानदार शाम के समय वहीं सब्जी के कैरेट और सामान रखकर ताला लगाने लगा। मामले की शिकायत किसी व्यक्ति द्वारा रायपुर कलेक्टर से किए जाने के बाद जांच शुरू हुई।
जांच के दौरान जब नगर पालिका का अमला मौके पर पहुंचा तो वहां किसी जरूरतमंद व्यक्ति को आश्रय दिए जाने के बजाय बड़ी संख्या में सब्जियों के कैरेट और सामान रखे मिले। स्थानीय लोगों के अनुसार नगर पालिका पदाधिकारी के एक रिश्तेदार द्वारा उक्त स्थान को करीब 20 हजार रुपए मासिक किराए पर दिए जाने की चर्चा है। हालांकि इस संबंध में नगर पालिका अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कुछ भी कहने से बचते हुए केवल इतना कहा कि फिलहाल भवन को खाली कराकर सील कर दिया गया है और यह जांच की जा रही है कि आखिर सब्जी व्यवसायी ने वहां कब्जा कैसे किया।
नगर पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों को आश्रय भवन पहुंचा देख आसपास के लोग भी हैरान रह गए। लोगों का कहना है कि गरीबों और राहगीरों के लिए बनाए गए भवन का इस तरह उपयोग होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका के कई अन्य भवन भी निजी उपयोग और किराए पर चल रहे हैं, जिसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को तक नहीं है।
फिलहाल नगर पालिका ने आश्रय भवन को अपने कब्जे में लेकर ताला लगा दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि मामले में जांच के बाद आखिर किसके खिलाफ कार्रवाई होती है और गरीबों के लिए बने इस भवन का वास्तविक उपयोग दोबारा शुरू हो पाता है या नहीं। नगर पालिका सीएमओ अभिताभ शर्मा ने बताया की जाँच की जा रही है किसब्जी वाले भवन पर किसके कहने पर कब्जा किया ,या उनके द्वरा किराए पर लिया गया था .किराए का पैसा वह कहा जमा करता था ..

