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कौन हैं बस्तर रियासत की नई रानी, जिसे लेने हाथी पर सवार होकर निकले राजा, 100 साल शाही बारात देखने उमड़ी लोगों की भीड़

हाइलाइट्स

बस्तर रियासत के राजा की हो रही है शादी

कमलचंद भजदेव हैं बस्तर के मौजूदा राजा

राजकुमारी भुवनेश्वरी से हो रहा है विवाह

नागौद रियासत की राजकुमारी हैं भुवनेश्वरी

जगदलपुर:  बस्तर रियासत के राजा कमलचंद भजदेव की बारात बुधवार को जगदलपुर से निकली। उनकी शादी नागौद रिसासत की राजकुमारी के साथ 20 फरवरी को होगी। बस्तर राजमहल में करीब 100 साल बाद किसी राजा की बारात निकली है। इससे पहले राजाओं मे राजमहल से बाहर दूसरे राज्यों में जाकर शादी की थी। बुधवार को कमलचंद भजदेव की बारात जैसे ही जगदलपुर की सड़कों पर निकली इस शाही बारात को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई.

राज परिवार की शाही शादी का जश्न बुधवार से शुरू हुआ। हल्दी की रस्म के बाद राजा कमलचंद भजदेव की शाही बारात शहर में ढोल नगाड़ों के साथ निकाली गई। हाथी पर सवार राजा कमलचंद अपने परिवार, रिश्तेदारों और विभिन्न राजघराने से आए मेहमानों के साथ राजमहल से मां दंतेश्वरी का आशीर्वाद लेकर बाहर निकले। हाथी पर कमलचंद के आगे-आगे घोड़े और ऊंट राज परिवार का शाही चिन्ह लेकर निकले।

जगदलपुर शहर के मुख्य मार्गों में जैसे ही बारात पहुंची उसे देखने के लिए शहर के लोग जमा हो गए। राजमहल से जगदलपुर शहर में आखिरी बारात पूर्व महाराजा रुद्र प्रताप देव की निकाली गई थी। उसके बाद कमल चंद भांजा देव 107 साल बाद महल से बारात लेकर निकले। इस दौरान शादी की सभी रस्मों को राजहमल में पूरा किया गया। इस शादी में शामिल होने के लिए देशभर से 100 से ज्यादा राजपरिवार के सदस्य शामिल होंगे।

बताया जा रहा है कि इस शादी में ग्वालियर रिसासत के महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया, सरगुजा रियासत के महाराज टीएस सिंहदेव और राजस्थान रियासत के कई राजपरिवार शामिल होंगे। खास मेहमानों के लिए राजमहल में विशेष व्यवस्था की गई है। पूरे जगदलपुर में शाही शादी की चर्चा हो रही

नागौद राज परिवार के सदस्य शिवेंद्र सिंह जूदेव व कृष्णा कुमारी की बेटी भुवनेश्वरी कुमारी से कमलचंद्र भजदेव की शादी हो रही है। राजकुमारी भुवनेश्वरी कुमारी ने लखनऊ विश्वविद्यालय से कामर्स की पढ़ाई पूरी की है। नागौद राजवंश की स्थापना राजा वीरराज जूदेव ने की थी। नागौद रियासत की राजधानी पहले उचहरा थी, फिर इसका नाम बदलकर नागौद कर दिया गया। आजादी के बाद नागौद रियासत का विलय भारत में हो गया था। 1807 में नागौद, पन्ना रियासत का हिस्सा हुआ करता था।

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