सब हेडलाइन:जंगल किनारे कार में थे दोनों, युवकों ने वीडियो बनाकर किया वायरल
शिक्षक ने मामला दबाने के लिए पैसों का ऑफर दिया!
सरगुजा छत्तीसगढ़ के सरगुजा से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर दिया है… एक शिक्षक अपनी ही छात्रा के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया… वो भी जंगल किनारे खड़ी कार में… और इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है…बताया जा रहा है कि यह मामला बतौली थाना क्षेत्र का है, जहां देर रात कुछ स्थानीय युवकों ने एक संदिग्ध कार देखी… शक होने पर जब वे पास पहुंचे, तो जो नजारा सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया…वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कार के अंदर एक शिक्षक और छात्रा मौजूद हैं… युवक लगातार लड़की से चेहरा दिखाने और बाहर आने को कहते हैं… लड़की इसका विरोध करती नजर आती है…इसी दौरान आरोपी शिक्षक मामले को दबाने के लिए युवकों को पैसे देने की बात भी करता दिखाई देता है…

जानकारी के मुताबिक, सुरेश जायसवाल बतौली के स्वामी आत्मानंद स्कूल में सविंदा टीचर है। 20 अप्रैल की रात 1 बजे के बीच कुछ युवकों ने सरमना के लंकाडांड जंगल किनारे एक छात्रा के साथ पकड़ा।स्थानीय युवकों- ने बताया कि, टीचर की गाड़ी रात में जंगल किनारे खड़ी थी, जिसे देखकर संदेह हुआ तो वे गाड़ी के पास पहुंचे, जहां गाड़ी की पिछली सीट पर टीचर छात्रा के साथ आपत्तिजनक हालत में थे।
टीचर ने पैसे ऑफर किए
सुरेश जायसवाल की गाड़ी में प्रदेश उपाध्यक्ष, स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक और कर्मचारी संघ का बोर्ड भी लगा मिला। युवकों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि, टीचर ने मामले को दबाने के लिए पैसे भी ऑफर किए।
वायरल वीडियो पर भाजपा ने जताई आपत्ति
इस वायरल वीडियो पर भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई। उन्होंने इसकी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से कर दी। 22 अप्रैल को मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए सरगुजा डीईओ दिनेश झा को ज्ञापन सौंपा।
शिकायत के बाद स्कूल से हटाए गए
शिकायत के बाद डीईओ ने मामले में कार्रवाई करते हुए टीचर सुरेश जायसवाल को स्कूल से हटा दिया है, उन्हें बीईओ कार्यालय उदयपुर में अटैच किया है।ज्ञापन सौंपने के दौरान भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमित गुप्ता, विजय यादव, भूपेंद्र गुप्ता, मोनू तिवारी मौजूद रहे।सरगुजा डीईओ ने जांच के लिए टीम बनाई है। इसमें बीईओ बतौली शरद चंद्र मेशपाल के साथ सीतापुर बीईओ और सेदम हाई स्कूल के प्रिंसिपल को जांच अधिकारी बनाया है। डीईओ ने कहा कि, रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि,
हालांकि, इस मामले में अब तक थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है…लेकिन बड़ा सवाल यही है—क्या सिर्फ ट्रांसफर और जांच से ऐसे मामलों पर लगाम लग पाएगी?या फिर जरूरत है सख्त और उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाई की? सरगुजा से VCNटाइम्स की रिपोर्ट

