बिलासपुर में एकतरफा प्यार और पुलिस की कथित लापरवाही ने एक परिवार की जिंदगी को दहला दिया। शादी का प्रस्ताव ठुकराए जाने से नाराज युवक ने युवती के पिता पर दिनदहाड़े चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। यह पूरी वारदात गैरेज में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसमें आरोपी युवक ताबड़तोड़ चाकू से वार करता नजर आ रहा है।
मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक कुदुदंड पानी टंकी के पास रहने वाला साहिल मरावी एक युवती से शादी करना चाहता था। आरोप है कि उसने अपना सरनेम बदलकर खुद को साहिल मानिकपुरी बताया और युवती के परिवार से रिश्ता जोड़ने की कोशिश की। बाद में उसकी असली पहचान सामने आने पर युवती के परिजनों ने शादी से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद से आरोपी लगातार युवती और उसके परिवार पर शादी के लिए दबाव बना रहा था।

बताया जा रहा है कि परिवार उसकी हरकतों से इतना परेशान हो चुका था कि किराए का मकान छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट होने की तैयारी कर रहा था। सोमवार सुबह युवती के पिता मोहितदास मानिकपुरी घर के पास स्थित एक गैरेज में बाइक बनवाने पहुंचे थे। इसी दौरान आरोपी साहिल वहां चाकू लेकर पहुंचा और उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपी ने उनके सीने और पीठ पर कई वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें सिम्स अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।
CCTV फुटेज में आरोपी को पीड़ित पर लगातार छह बार चाकू से हमला करते देखा जा सकता है। हैरानी की बात यह रही कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मोहितदास हमलावर का विरोध करते रहे और उसे पकड़ने की कोशिश करते दिखाई दिए। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने CCTV फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। भागने के दौरान आरोपी खुद गिर पड़ा, जिससे उसके पैर में चोट भी आई।

आरोपी को पुलिस ले जाते हुए
घटना ने तब और गंभीर मोड़ ले लिया जब पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले भी साहिल ने युवती के साथ बीच सड़क पर मारपीट की थी, जिससे वह बेहोश हो गई थी। परिवार का कहना है कि वे शिकायत लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचे थे, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। केवल आवेदन लेकर उन्हें वापस भेज दिया गया। परिजनों का आरोप है कि यदि उसी समय पुलिस ने कार्रवाई की होती तो आज यह खूनी वारदात टाली जा सकती थी। हालांकि थाना प्रभारी ने ऐसी किसी शिकायत से इनकार किया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या एक परिवार को पहले हमले का इंतजार करना पड़ता है, तब जाकर सिस्टम जागता है? बिलासपुर की यह घटना सिर्फ एक सनकी आशिक की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है जो समय रहते चेतावनी को नहीं सुनती। अगर शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होती तो शायद आज एक पिता अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी की जंग नहीं लड़ रहा होता। यह वारदात अपराधी के साथ-साथ सिस्टम की कार्यशैली पर भी बड़ा प्रहार करती है।कैमरा मेन niraj के साथ कमल लखवानी VCN टाइम्स बिलासपुर

