इंदर कोटवानी
दमोह -पैसों की भूख इंसान को आखिर किस हद तक गिरा सकती है…इसका शर्मनाक उदाहरण सामने आया है दमोह से, जहां एक व्यक्ति की मौत के बाद उसका शव स्ट्रेचर पर रखा था… परिजन गम में डूबे हुए थे… घर ले जाने की तैयारी चल रही थी…लेकिन इसी बीच एक युवक वहां पहुंचा…परिजनों के साथ खड़ा हुआ… ऐसे पेश आया जैसे वह भी परिवार के दुख में शामिल हो…और फिर मौका देखकर उसने मृतक की जेब में रखे करीब 7 से 8 हजार रुपए निकाल लिए।सोचिए… जिस इंसान की सांसें थम चुकी थीं, जो इस दुनिया से जा चुका था… उसकी जेब तक पर किसी की नीयत खराब हो गई।
वीडियो में देखिए…कैसे परिजनों को युवक की हरकत का पता चला और उन्होंने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया।इसके बाद गुस्साए परिजनों ने युवक की जमकर पिटाई कर दी।परिजनों के मुताबिक, युवक नशे की हालत में था।
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.दरअसल, हिंडोरिया निवासी ओमप्रकाश चौरसिया को अटैक आने के बाद परिजन इलाज के लिए दमोह जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मौत के बाद परिवार के लोग सदमे में थे। शव स्ट्रेचर पर रखा था और परिजन उसे घर ले जाने की तैयारी कर रहे थे।
इसी दौरान एक अज्ञात युवक वहां पहुंचा।वह परिजनों के बीच खड़ा होकर ऐसे मातम मनाने लगा, मानो परिवार का ही हिस्सा हो। लेकिन उसकी नजर मृतक की जेब पर थी।
आरोप है कि युवक ने मौका मिलते ही शव की जेब से करीब 7 से 8 हजार रुपए निकाल लिए और वहां से भागने लगा। परिजनों ने उसे रुपए निकालते देख लिया। इसके बाद उसका पीछा किया गया और उसे पकड़ लिया गया।
वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि युवक को पकड़ने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और उसकी जमकर पिटाई कर दी। परिजनों ने रुपए वापस लिए और बाद में युवक को वहां से भगा दिया।
भागते हुए पकड़कर मारते हुए
ये सिर्फ चोरी की घटना नहीं है…ये उस संवेदनहीनता की तस्वीर है, जहां इंसान को इंसान की मौत का भी लिहाज नहीं रहा। जिस घर में मौत का मातम पसरा था…
जहां परिवार अपने सदस्य को आखिरी विदाई देने की तैयारी कर रहा था…वहीं किसी की नजर मृतक की जेब में रखे पैसों पर थी।आखिर पैसे के लिए इंसान कितना नीचे गिर सकता है?
आज सवाल सिर्फ उस युवक की नीयत पर नहीं है…सवाल अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी है।क्योंकि अगर परिजन खुद उस युवक को नहीं पकड़ते, तो शायद ये पैसा भी चला जाता और आरोपी भी।
मौत के बाद भी अगर किसी के शव की जेब सुरक्षित नहीं है… तो फिर सवाल सिर्फ चोरी का नहीं, इंसानियत के जिंदा होने का है।

