Homeछत्तीसगढ़विश्व आदिवासी दिवस पर निकली भव्य मंगल कलश यात्रा, कर्मा नृत्य ने...

विश्व आदिवासी दिवस पर निकली भव्य मंगल कलश यात्रा, कर्मा नृत्य ने बांधा समां

तिल्दा नेवरा :विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर तिल्दा में आदिवासी ध्रुव गोंड समाज, झिरिया परिक्षेत्र के तत्वावधान में रविवार को विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथि श्रीमती चन्द्रकला रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मनीराम ध्रुव, अध्यक्ष आदिवासी ध्रुव गोंड समाज झिरिया परिक्षेत्र ने की।

सुबह समाजजनों ने भगवान बूढ़ादेव की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद ग्राम सासाहोली स्थित गौरा-गौरी चौक से भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए शीतला मंदिर पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद मंगल कलश यात्रा रेस्ट हाउस होते हुए गांधी चौक पहुंची और यहां से पुनः गौरा-गौरी चौक पहुंचकर गौरा-गौरी की स्थापना की गई।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती चन्द्रकला ने विश्व आदिवासी दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव हमारी अमूल्य धरोहर है। उन्होंने समाज के युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा समाज की एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।
विशेष अतिथि श्रीमती रानी सौरभ जैन, पार्षद नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा ने कहा कि आदिवासी समाज का इतिहास गौरवशाली और सदियों पुराना है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ-साथ आदिवासी समाज ने अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत रखा है। उन्होंने कहा कि समाज की संस्कृति और लोक परंपराओं को संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में ईश्वर यदु, सभापति नगर पालिका, विनोद नेताम, सभापति नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा, केशव ध्रुव, उपाध्यक्ष आदिवासी ध्रुव गोंड समाज झिरिया परिक्षेत्र तथा कृष्णा कुंजाम, प्रदेश सह-सचिव सहित समाज के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मंगल कलश यात्रा और पूजा-अर्चना के बाद गांधी चौक में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ‘मोर मयारू माटी’ कर्मा नर्तक दल, नवागांव मुसवाडीह द्वारा कर्मा गीत एवं नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का स्वागत दोपहर 2 बजे से किया गया। इस अवसर पर समाज के महिला, पुरुष, युवा एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की भव्य झलक देखने को मिली।

RELATED ARTICLES

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments