महतारी वंदन में सेंध! पुरुष ने खुद को महिला बताकर ली सरकारी राशि, जांच में खुला बड़ा खेल”
खैरागढ़। छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में बड़ी लापरवाही और सिस्टम की खामी उजागर हुई है। खैरागढ़ जिले के मुढ़ीपार गांव में एक पुरुष ने खुद को ही हितग्राही और पति दोनों बताकर आवेदन कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि आवेदन आंगनबाड़ी से लेकर सुपरवाइजर स्तर तक सत्यापित हो गया और करीब एक साल तक उसके खाते में योजना की राशि भी पहुंचती रही।
मामले का खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत के बाद हुआ। जांच में सामने आया कि मुढ़ीपार निवासी तिलोक साहू, जो सीएससी सेंटर संचालित करता है, ने आवेदन में अपना ही नाम हितग्राही और पति दोनों के स्थान पर दर्ज किया था। जबकि महतारी वंदन योजना का लाभ केवल पात्र महिलाओं को दिया जाता है।
शिकायत मिलने पर विभाग ने रिकॉर्ड की जांच की और संबंधित आवेदन को तत्काल परमानेंट होल्ड पर डाल दिया। साथ ही हितग्राही से योजना के तहत मिली राशि वापस जमा कराई गई। परियोजना अधिकारी रंजना श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित व्यक्ति से पूरी राशि की रिकवरी कर ली गई है।
हालांकि रिकॉर्ड में 12 माह तक भुगतान का उल्लेख है, जबकि रिकवरी 10 हजार रुपये की हुई है। इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वास्तविक भुगतान कितना हुआ और जांच के दौरान इतनी बड़ी चूक कैसे नजरअंदाज होती रही।
वहीं तिलोक साहू का दावा है कि उसने योजना शुरू होने के समय पोर्टल की प्रक्रिया समझने और ट्रायल के उद्देश्य से आवेदन किया था। उसके अनुसार खाते में 10 हजार रुपये आए थे, जिन्हें विभाग के निर्देश पर वापस जमा करा दिया गया है।
इस पूरे मामले ने महतारी वंदन योजना की जांच प्रक्रिया, सत्यापन प्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

