नालियां उफनाईं, गलियां बनीं तालाब, सड़कों पर फैली गंदगी; अब जागेगा प्रशासन या फिर होंगे सिर्फ दावे?
तिल्दा-नेवरा। सीजन की पहली तेज बारिश ने रविवार शाम तिल्दा-नेवरा नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर लोगों के सामने ला दी। जून का लगभग पूरा महीना सूखा गुजरने के बाद हुई महज दो घंटे की बारिश ने शहर के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया। नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर बह निकला, कई गलियों में घुटनों तक पानी भर गया और कई सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गईं। लोगों को गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन गंदगी और जलभराव ने राहत की खुशी पर पानी फेर दिया।
शहर के 22 वार्डों में से अधिकांश वार्ड बारिश के बाद जलभराव की चपेट में आ गए। वार्ड क्रमांक 3, 4, 5, 13, 16, 17 और 22 की गलियों में हालात ऐसे थे कि सड़क और नाली का अंतर तक दिखाई नहीं दे रहा था। जगह-जगह गंदा पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वार्ड क्रमांक 5 के निवासी राजेश जेठवानी ने बताया कि बारिश के बाद उनके घर के सामने की नाली का गंदा पानी घर के दरवाजे तक पहुंच गया। वहीं झूलेलाल मंदिर के सामने रखा कचरा बारिश के पानी के साथ बहकर मुख्य सड़क पर फैल गया, जिससे आसपास का पूरा क्षेत्र गंदगी से पट गया।वार्ड क्रमांक 16 में नगर पालिका द्वारा तोड़ी गई पानी टंकी का मलबा अब लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मलबा नालियों में भर जाने से पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई और पहली ही बारिश में गंदा पानी मुख्य सड़क पर फैल गया। दुकानदारों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द नालियों की सफाई नहीं कराई गई तो बरसात के दिनों में व्यापार करना मुश्किल हो जाएगा।
बारिश थमने के बाद कई नागरिकों ने जलभराव और गंदगी के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए। लोगों का कहना है कि नगर पालिका के कुछ जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी समय-समय पर झाड़ू और रापा हाथ में लेकर सफाई अभियान की तस्वीरें जरूर जारी करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत पहली ही बारिश में सामने आ गई। सवाल यह है कि यदि मानसून की पहली बारिश में यह स्थिति है, तो लगातार होने वाली बारिश में शहर का क्या हाल होगा? हालांकि राहत की बात यह रही कि नगर पालिका के नए सीएमओ अमिताभ शर्मा ने पूर्व में स्वयं मौजूद रहकर कुछ बड़ी नालियों की सफाई कराई थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह पहल नहीं हुई होती तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे।
इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमिताभ शर्मा ने कहा कि शहर में नालियों की सफाई अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर लोग नालियों में कचरा फेंक देते हैं, जिससे पानी की निकासी बाधित होती है। ऐसे स्थानों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बरसात के दौरान नालियों की नियमित सफाई कराई जाएगी और जलभराव रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी।
अब शहरवासियों की निगाह सोमवार पर टिकी है। देखना यह होगा कि पहली बारिश से मिले इस सबक के बाद नगर पालिका सिर्फ आश्वासन देती है या फिर सफाई व्यवस्था में वास्तव में सुधार दिखाई देता है। शहर की जनता को अब फोटो वाले सफाई अभियान नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाले परिणामों का इंतजार है।वार्ड 16 की पार्षद किरण बाला छाबडिया ने कहा मै स्वयं वार्ड कासमस्या जानने दौरा कुरुंगी, कई लोगो ने काल कर मुझे अपनी समस्या से अवगत कराया है .रमे वार्ड वासियों की समस्या के समाधान के लिए पालिका प्रशासन से चर्चा करूंगी ..

