इंदर कोटवानी
तिल्दा नेवरा।तिल्दा में इन दिनों चूहों का आतंक कहें…या फिर उनकी मौज-मस्ती… क्योंकि यहां चूहे अब सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि ठंडे पेय पदार्थों पर भी हाथ साफ कर रहे हैं।गर्मी से इंसान परेशान हैं… तो चूहे भी खुद को ठंडा रखने के लिए मिरिंडा, फ्रूटी, माजा और नारियल पानी का मजा तो ले ही रहे हैं…यहां तक कि शराब की भी चुस्की ले रहे हैं। उनकी इस “मौज-मस्ती” से दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
तिल्दा के दुकानदार इन दिनों चूहों की करतूत से खासे परेशान हैं। गर्मी बढ़ने के साथ चूहों ने दुकानों और गोदामों में रखी ठंडी पेय पदार्थों की बोतलों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। मिरिंडा, फ्रूटी, माजा और अन्य कोल्ड ड्रिंक्स की प्लास्टिक बोतलों को चूहे रातभर में कुतर देते हैं, जिससे पूरी बोतल खाली हो जाती है। दुकानदारों का कहना है कि चूहे कोल्ड्रिंक पीते कम हैं, लेकिन नुकसान ज्यादा करते हैं।क्यों जहा से वो बोतल को कुतरते है छेद हो जाने से पूरी बोतल बहाकर खली हो जाती है ।व्यापारियों के अनुसार एक कोल्ड ड्रिंक की बोतल में मुश्किल से 10 से 12 रुपए का मुनाफा होता है, लेकिन यदि चूहा एक-दो बोतल खराब कर दे तो पूरी पेटी की कमाई खत्म हो जाती है। यही वजह है कि अब कई दुकानदार ठंडे पेय पदार्थों को अलमारी में बंद करके रखने को मजबूर हैं।
डेलीनीड़स दुकानदार होला कृपलानी , राम वाधवानी जटूराम मॉडले ने बताया कि इन नो वे चूहो से काफी परेशान है। पहले सिर्फ चूहे अनाज और और कुछ कहते थे लेकिन अब तो कोल्ड ड्रिंक नारियल पानी पीने के आदी हो गए हैं. दिन को चूहे दुबके रहते हैं। लेकिन दुकान का शटर नीचे और लाइट बंद करने के बाद ये अंधेरे में सक्रिय हो जाते हैं और दुकान में रखी कोल्ड ड्रिंक की बोतलों को कुतरने लगते हैं। पूरा माल खराब हो जाता है… जिससे नुकसान बहुत हो रहा है।
इतना ही नहीं… नारियल के गोदाम भी इन चूहों से सुरक्षित नहीं हैं।नारियल के गोदामों में भी चूहों ने कब्जा जमा रखा है। दुकानदार बताते हैं कि दुकानदार बताते हैं कि चूहे नारियलों के बीच में बैठकर ठंडक महसूस करते हैं और फिर नारियल की “आंख” वाले हिस्से को कुतर देते हैं। इसके बाद वे आसानी से नारियल का पानी पी जाते हैं। पानी निकल जाने के बाद नारियल सुखाकर जल्दी खराब होने लगता है, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। किराना के थोक व्यापारी राकेश पंजवानी ने बताया कि चूहों से सिर्फ कोल्ड ड्रिंक वाले ही नहीं हम भी परेशान हैं। उनका कहना कि चूहे खाते कम है. नुकसान ज्यादा करते हैं. उन्होंने पता कि एक नारियल ₹25 का आता है नारियल की आंखों के सामने पहले बूच को फिर आंखों को कुतर देते हैं. जिससे नारियल का पानी खाली हो जाता है या सुख जाता है उसके बाद नारियल को देखकर लोग खंडित मानते हैं मौजूद यदि जल्दी नहीं बिका तो वह खराब हो जाता है। गर्मी के दिनों में चूहे 10 से ₹15000 का नुकसान कर देते हैं इसके अलावा बिस्किट चिप्स के पैकेट भी काट देते हैं।
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देवार मोहल्ले के एक कबाडी ने बताया की चूहे बोतलों में बचे शराब को पी जाते हैं, वहीं कबाड़ी व्यवसाय से जुड़े लोगों ने भी चूहों की अजीब हरकतों का जिक्र किया। उनका कहना है कि चूहे शराब की बोतलों में बची शराब भी पी जाते हैं। कबाड़ियों के मुताबिक कई बार चूहे शराब की बोतलों के ढेर पर घूमते नजर आते हैं। जिस बोतल में थोड़ी शराब बची रहती है उसमें एक चूहा अपनी पूंछ डाल देता है और दूसरा चूहा उसकी पूंछ चूसने लगता है। शराब पीने के बाद चूहे मदमस्त होकर इधर-उधर भटकते दिखाई देते हैं। लगातार बढ़ते नुकसान से परेशान व्यापारियों ने नगर प्रशासन से चूहों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो गर्मी के इस मौसम में व्यापारियों का नुकसान और बढ़ सकता है।फिलहाल तिल्दा के व्यापारी चूहों के इस आतंक से परेशान हैं और नगर प्रशासन से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं… ताकि उनकी कमाई पर लग रहा यह ‘चूहा टैक्स’ बंद हो सके।

