तिल्दा-नेवरा। आज शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व पर बहनें अपने भाइयों की कलाइयों पर प्रेम और स्नेह का धागा राखी बांधेंगी। इस पवित्र पर्व को लेकर एक दिन पहले गुरुवार को ही तिल्दा-नेवरा का बाजार भाई-बहन के पवित्र प्रेम के रंग में रंगा नजर आया। स्टेशन चौक, सिंधी कैंप, नेवरा, जनपद कॉम्प्लेक्स और घोसिया बाजार में राखी, मिठाई, कपड़े और पूजा सामग्री की दुकानों पर देर शाम तक खरीदारों की भीड़ रही। दुकानों से गूंजते भाई-बहन के प्यार भरे गीतों ने पूरे माहौल को रक्षाबंधन के उत्सव में बदल दिया।
तिल्दा-नेवरा। रक्षाबंधन पर्व से एक दिन पहले गुरुवार को तिल्दा-नेवरा का बाजार भाई-बहन के पवित्र प्रेम के रंग में रंगा नजर आया। स्टेशन चौक, सिंधी कैंप, नेवरा, जनपद कॉम्प्लेक्स सहित प्रमुख बाजारों में सुबह से देर शाम तक खरीदारों की भीड़ रही। कहीं बहनें भाइयों के लिए पसंदीदा राखी चुनती नजर आईं तो कहीं भाई बहनों के लिए उपहार और मिठाइयां खरीदते दिखाई दिए।

त्योहार की असली अनुभूति बाजार में बज रहे भाई-बहन के प्यार भरे गीतों से हो रही थी। दुकानों से “जैसे बदरी और पवन का, जैसे धरती और गगन का, ऐसा राखी बंधन है” और “भैया मेरे, राखी के बंधन को निभाना” जैसे गीतों की आवाज गूंज रही थी। इन गीतों ने पूरे बाजार के माहौल को भावनाओं से भर दिया और राह चलते लोगों को भी एहसास करा दिया कि रक्षाबंधन का त्योहार आ गया है।
राखियों की दुकानों पर बहनों की पसंद की धूम
राखी की दुकानों पर तरह-तरह के रंग, डिजाइन और आकर्षक पैटर्न वाली राखियां सजी हुई थीं। बहनें अपने भाइयों की पसंद को ध्यान में रखते हुए राखी खरीदने में व्यस्त रहीं। बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर और आकर्षक डिजाइन वाली राखियां भी खूब पसंद की गईं।
राखी के साथ बहनों ने पूजा सामग्री, मिठाई और भाइयों के लिए उपहार की खरीदारी की। कई बहनें अपने लिए नए कपड़े भी खरीदती नजर आईं। शुक्रवार को बहनें सज-धजकर भाइयों की कलाई पर राखी बांधेंगी और भाई भी अपनी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति अपने प्रेम और स्नेह का इजहार करेंगे।
कपड़ों की दुकानों पर भी उमड़ी भीड़
रक्षाबंधन के चलते कपड़ा दुकानों में भी अच्छी-खासी भीड़ रही। परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने त्योहार के लिए नए कपड़ों की खरीदारी की। बाजार में बच्चों से लेकर महिलाओं और पुरुषों तक के कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही।
मिठाइयों की दुकानों पर भी बढ़ी मांग
रक्षाबंधन पर मिठाई का विशेष महत्व होने के कारण मिठाई दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ रही। बाजार में करीब 400 रुपये किलो से लेकर 1500 रुपये किलो तक की विभिन्न प्रकार की मिठाइयां उपलब्ध हैं।
दीनदयाल चौक स्थित होटल व्यवसायी राहुल जैन ने बताया कि इस बार खोए से बनी मिठाइयों की मांग सबसे अधिक है। महंगी मिठाइयों में काजू कतली ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई है। इसके अलावा लड्डू और चॉकलेट बर्फी की भी अच्छी मांग है। उन्होंने बताया कि इस बार शक्कर के दाम बढ़ने का कुछ असर मिठाइयों की कीमतों पर पड़ा है।
देर शाम तक गुलजार रहा बाजार
रक्षाबंधन की खरीदारी के कारण मुख्य सड़कों और बाजारों में दिनभर चहल-पहल बनी रही। कई स्थानों पर ग्राहकों की भीड़ के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। व्यापारियों के अनुसार त्योहार से एक दिन पहले खरीदारी का दबाव सबसे ज्यादा रहता है और इस बार भी बाजार में अच्छी बिक्री देखने को मिली।
कुल मिलाकर तिल्दा-नेवरा का बाजार राखियों की चमक, मिठाइयों की खुशबू, नए कपड़ों की खरीदारी और भाई-बहन के प्यार भरे गीतों से सराबोर रहा। बाजार का माहौल मानो यही संदेश दे रहा था—राखी सिर्फ एक धागा नहीं, भाई-बहन के अटूट रिश्ते और प्रेम का उत्सव है।

