छत्तीसगढ़ के दुर्ग-रायपुर नेशनल हाईवे-53 पर ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। एक पल.में . पूरा परिवार उजड़ गया। मां की ममता… मासूम बच्चों की किलकारियां… सब कुछ नेशनल हाईवे पर बिखर गया।
दुर्ग-रायपुर नेशनल हाईवे-53 पर उस समय चीख-पुकार मच गई जब एक तेज रफ्ता स्कूटी क्रमांक CG-07-DE-5847 सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो महिलाओं और दो बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई।हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई… और क्या हादसे के वक्त पुलिस किसी वीआईपी प्रोटोकॉल में व्यस्त थी?
कुम्हारी थाना क्षेत्र में हुए इस दर्दनाक हादसे के दौरान स्कूटी पर बच्चों समेत पांच लोग सवार थे। तेज रफ्तार स्कूटी सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो महिलाओं और दो बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की गई। वहीं गंभीर रूप से घायल एक साल के मासूम को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस मृतकों की पहचान और हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
इस हादसे के बाद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि उसी समय हाईवे से नेताओं का काफिला गुजर रहा था और पुलिस प्रोटोकॉल ड्यूटी में व्यस्त थी, जिसके चलते राहत कार्य में देरी हुई। हालांकि पुलिस की ओर से इस आरोप पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
हाईवे पर एक और दर्दनाक हादसा… चार जिंदगियां खत्म… और एक मासूम अब भी जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस हादसे का जिम्मेदार कौन है? तेज रफ्तार… हाईवे पर खड़ा वाहन… या फिर व्यवस्था की लापरवाही? इन सवालों का जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।

