लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा में शामिल होते हुए राहुल गांधी ने कहा कि लोगों का एक और ग्रुप भी है,जिन्हें पक्का यकीन होता है कि वे सब कुछ जानते हैं. उन्हें लगता है कि ज्ञान उनके अंदर से ही आता है. वे खुद को भगवान मानते हैं. ऐसे लोग ‘इडियट’ कहलाते हैं.
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर राहुल गांधी ने सत्ता पक्ष के भारी शोर-शराबे के बीच अपनी बात रखी. उन्होंने लोकसभा में एक छात्रा से बातचीत के आधार पर’स्टूडेंट’, ‘इडियट’, ‘अंधभक्त’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. सत्ता पक्ष की ओर से राहुल के शब्दों का जोरदार विरोध किया. राहुल गांधी ने साफ कहा कि वे सत्ता पक्ष के किसी सदस्य को ‘इडियट’ नहीं कह रहे हैं.
राहुल गाँधी ने लोकसभा में कहा कि वे अपने भाषण की शुरुआत कुछ स्टूडेंट्स यानी युवा लड़कियों के साथ हुई बातचीत से करना चाहेंगे. इससे बातचीत का एक बहुत दिलचस्प नज़रिया मिलेगा.
स्टूडेंट कौन है- राहुल ने समझाया
राहुल ने एक युवा लड़की से हुई अपनी बातचीत के आधार पर कहा कि स्टूडेंट वह होता है जिसका मन और दिल खुला हो. नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि उसने मुझे बताया कि लोगों का एक और ग्रुप भी है, जिन्हें पक्का यकीन होता है कि वे सब कुछ जानते हैं. उन्हें लगता है कि ज्ञान उनके अंदर से ही आता है. वे खुद को भगवान मानते हैं. वे समझते हैं कि एक व्यक्ति को जो भी जानना चाहिए, वे उसे जानते हैं. वे घमंडी होते हैं और किसी की बात नहीं सुनते. वे दूसरों की सच्चाई का आदर .नहीं करते हैं. मैंने पूछा कि तुम उन्हें क्या कहती हो, उसने कहा, “मैं उन्हें Idiots कहती हूं.”
राहुल गांधी के इस बयान पर सत्ता पक्ष ने जोरदार हंगामा किया और इस शब्द को वापस लेने की मांग की. सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विरोध जताया और कहा कि नेता प्रतिपक्ष को असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
राहुल गांधी ने अपना बयान जारी रखते हुए कहा कि दुनिया में दो तरह के विद्यार्थी होते हैं, एक किसान विद्यार्थी हो सकता है, एक पिता भी विद्यार्थी हो सकता है, वकील, डॉक्टर विद्यार्थी हो सकता है, उसके भीतर सीखने-समझने की ललक होती है, वो दूसरों का सम्मान करता है.
राहुल ने आगे कहा कि इन इडियट का क्या होता है. उन्होंने कहा कि वे किसी की नहीं सुनते हैं.राहुल के इस शब्द पर सत्ता पक्ष ने फिर आपत्ति जताई. इस पर राहुल ने कहा कि वे उनके बारे में नहीं बोल रहे हैं.
स्पीकर ने राहुल गांधी को टोकते हुए कहाकि वे विधेयक पर चर्चा करें. इस पर राहुल ने कहा कि वे चर्चा ही कर रहे हैं और स्टूडेंट को डिफाइन कर रहे हैं.
अंधभक्त कौन है?
आगे हंगामे के बीच राहुल ने अपना बयान जारी रखा. राहुल ने कहा कि उन्होंने छात्रा से पूछा कि तीसरी कैटेगरी किसकी होती है, जो छात्र नहीं है. राहुल ने कहा-उस लड़की ने बताया जो छात्र होता है वो सच्चाई का धारण करता है, गर्व से रहता है, मैंने उससे पूछा. दूसरे तरह के लोग कैसे होते हैं. उन्हें इमेज की जरूरत होती है, क्योंकि इडियट ऐसा करने की कोशिश करता है जैसे वह भगवान हो. उसे एक विशाल छवि बनानी पड़ती है, फिर मैंने लड़की से पूछा. मैंने सोचा स्टूडेंट है,ये तीसरी कैटेगरी कहा जाती है. उसने कहा- कौन सी तीसरी कैटेगरी- मैंने कहा- अंधभक्त. इसको कहां डाला जाए. उसने मुझसे कहा- अंधभक्त ऐसा व्यक्ति होता है,
जिसे पक्का यकीन होता है कि इडियट गॉड ही है. इसलिए तीन कैटेगरी होती है- स्टूडेंट, इडियट, अंधभक्त.रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दखल देते हुए सत्ता पक्ष से आग्रह किया कि राहुल गांधी को अपनी बात जारी रखने दी जाए और स्पीकर से कहा कि वे सदन के रिकॉर्ड से.से “इडियट” वाली टिप्पणी को हटा दें. स्पीकर ने यह अनुरोध मान लिया और उस टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटा दिया. राहुल के भाषण के बीच में स्पीकर ओम बिरला ने कहा.कि ‘इडियट’ शब्द को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया है.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि शिक्षा मंत्रालय असल में कभी पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नहीं बल्कि RSS ने चलाया था. उन्होंने आरोप लगाया कि कई केंद्रीय विश्वविद्यालयों में RSS की विचारधारा वाले लोगों को वाइस-चांसलर के तौर पर नियुक्त किया गया था. नेता प्रतिपक्ष ने आगे आरोप लगाया कि RSS छात्रों को “अंधभक्त” बनाना चाहती थी और दावा किया कि प्रदर्शन कर रहे छात्र इसी के खिलाफ लड़ रहे थे.

