राजीव भवन घेराव के दौरान वाटर कैनन का इस्तेमाल, बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश; दोनों दलों ने लगाए एक-दूसरे पर गंभीर आरोप, शंकर नगर में घंटों लगा जाम
रायपुर। दिल्ली में राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के घेराव के विरोध में मंगलवार को राजधानी रायपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच जबरदस्त सियासी टकराव देखने को मिला। भाजपा के कांग्रेस कार्यालय घेराव कार्यक्रम के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस को पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा और बाद में दो बार आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा। इस दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

भाजपा कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय से रैली निकालकर शंकर नगर स्थित राजीव भवन की ओर बढ़ रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी कार्यालय के बाहर जुट गए। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग रखने के लिए बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड और टीन की चादरों को हटाने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने पहले वाटर कैनन से पानी की बौछार की और इसके बाद दो बार आंसू गैस के गोले छोड़े। आंसू गैस के कारण प्रदर्शनकारियों में भगदड़ मच गई और आसपास का क्षेत्र धुएं से भर गया। इस दौरान कवरेज कर रहे कई पत्रकार और कैमरापर्सन भी आंसू गैस की चपेट में आ गए।
प्रदर्शन के कारण शंकर नगर चौक, राजीव भवन और आसपास के क्षेत्रों में कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन किए जाने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन किया है और प्रधानमंत्री आवास का घेराव कर अराजकता फैलाने का प्रयास किया। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राहुल गांधी देश में अर्बन नक्सलवाद को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं।
दूसरी ओर कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की और आंसू गैस के गोले भाजपा कार्यकर्ताओं के बजाय कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर छोड़े। उन्होंने कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं पर पत्थरबाजी तथा पुलिस पर भाजपा को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।
प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस की चपेट में आए भाजपा कार्यकर्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा कि उनकी आंखों और चेहरे में तेज जलन हो रही है, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनका विरोध जारी रहेगा।
राजधानी में हुए इस राजनीतिक टकराव ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और राजनीतिक मर्यादाओं को लेकर बहस छेड़ दी है। फिलहाल पुलिस की तैनाती के बीच स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पूरे घटनाक्रम को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

