मास्टर शेफ प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई रचनात्मकता और पाक कला का हुनर
तिल्दा-नेवरा।
ब्रह्माकुमारीज तिल्दा द्वारा आयोजित समर कैंप में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिदिन नई-नई गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। कैंप के पाँचवें दिन बच्चों को कर्म और भाग्य के गहरे संबंध की जानकारी दी गई, वहीं दूसरी ओर “मास्टर शेफ” प्रतियोगिता के माध्यम से उनकी रचनात्मकता और पाक कला को मंच मिला।
प्रथम सत्र में प्रियंका दीदी ने बच्चों को कर्मों की गहन गति को सरल और रोचक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि हमारे हर कर्म की प्रतिक्रिया अवश्य होती है और मन में आने वाले विचार भी कर्म का ही रूप हैं। उन्होंने बच्चों को अकर्म, विकर्म और सत्कर्म के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जैसा बीज बोया जाएगा, वैसा ही फल प्राप्त होगा।उन्होंने कहा कि जीवन में घटित होने वाली हर अच्छी और बुरी घटना हमारे पूर्व कर्मों का परिणाम होती है, जिसे हम भाग्य कहते हैं। भाग्य कोई बाहर से लिखी हुई चीज नहीं, बल्कि हमारे स्वयं के कर्मों से निर्मित होता है।

दूसरे सत्र में बच्चों के लिए “मास्टर शेफ” ग्रुप प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि बच्चों को फायरलेस कुकिंग करनी थी और साथ में विशेष ड्रिंक भी तैयार करना था। बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ आकर्षक और स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए।
प्रतियोगिता में बच्चों ने ओरेओ ट्रफल्स, कर्ड सैंडविच, सालसा, भेल, ककड़ी पंच और लेज़ चाट जैसे व्यंजन बनाए। वहीं लेमन मोजिटो, लस्सी, पनाक्कम और कोल्ड कॉफी जैसी विभिन्न ड्रिंक्स भी प्रस्तुत की गईं।
प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में “यू एंड मी कैफे” के संचालक भ्राता उमेश धुरंधर उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों द्वारा तैयार व्यंजनों के स्वाद, प्रस्तुति और रचनात्मकता के आधार पर अंक प्रदान किए।
समर कैंप में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा 10 मई को होने वाले समापन समारोह में की जाएगी, जहां विजेता बच्चों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

