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फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामले में प्रदर्शन :कार्यवाही की मांग को लेकर विधानसभा के पास युवाओं ने किया नग्न प्रदर्शन,, लिए गए हिरासत में

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को ST-SC युवाओं ने विधानसभा के पास नग्न होकर प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारी नग्न होकर विधानसभा घेराव करने निकले थे , जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

विधानसभा सत्र में शामिल होने जा रहे मंत्री रुद्रगुरु अनिला भेड़िया का काफिला गुजर रहा था उसी समय युवाओं ने नग्न प्रदर्शन किया है। इस विरोध-प्रदर्शन को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कांग्रेस सरकार की नाकामी करार दिया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ में इन दिनों फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी करने का मामला गरमाया हुआ है। राज्य निर्माण के बाद कई सरकारी विभागों को लगातार शिकायतें मिल रही थी कि उनके यहां कई गैर आरक्षित वर्ग के लोगों ने फर्जी जाति सर्टिफिकेट बनाकर सरकारी नौकरी हासिल की है।

मामले के तूल पकड़ने के बाद सरकार ने उच्चस्तरीय जाति छानबीन समिति गठित कर दी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों को बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया। सरकार के इस आदेश के बाद कई लोग कोर्ट पहुंच गए। इस बीच इनमें से कई रिटायर भी हो गए। कुल मिलाकर इस सरकारी आदेश का अब तक पालन नहीं हो पाया। ऐसे में कई ऐसे अधिकारी-कर्मचारी ऐसे हैं, जो आज भी नौकरी पर बने हुए हैं।

फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर 267 लोग कर रहे नौकरी- प्रदर्शनकारी

इस मामले में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के युवाओं ने इनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी कर रहे लोगों को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि फर्जी कास्ट सर्टिफिकेट के आधार पर करीब 267 लोग सरकारी पदों पर बने हुए हैं। 3 साल पहले ही इन्हें बर्खास्त करने का आदेश जारी हुआ, लेकिन वे अब भी नौकरी कर रहे हैं। इनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई ही नहीं। युवाओं ने कहा कि वे इस मामले को लेकर कई बार विरोध-प्रदर्शन कर चुके हैं, आमरण अनशन तक कर चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार कोई कार्रवाई फर्जी कर्मचारियों पर नहीं कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारे भी लगाए।

कुछ दिनों पहले से ये युवा धरने पर बैठ गए थे। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों की तबीयत भी बिगड़ गई थी। मंगलवार को नग्न प्रदर्शन में शामिल अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के युवा नेता विनय कौशल ने बताया कि वे लंबे समय से अधिकारियों के साथ आदेश पर कार्रवाई करने को लेकर चर्चा कर रहे थे। जब उन्होंने अधिकारियों से बात की, तो उन्होंने ऊपर से दबाव होने की बात कही। हमारे संगठन द्वारा उन्हें निर्वस्त्र प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई थी। आज हम निर्वस्त्र प्रदर्शन कर सरकार को नींद से जगाने का काम कर रहे हैं।

विनय ने कहा कि हम अपने हक और जायज अधिकारों के लिए अपनी इज्जत सरेआम नीलाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का ये उदासीन रवैया ठीक नहीं है। इधर युवाओं के नग्न प्रदर्शन को देख रास्ते में गुजरने वाले लोग भी हैरान रह गए और उनकी नजरें शर्म से झुक गईं।

छत्तीसगढ़ सरकार ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र की शिकायतों की जांच करने उच्चस्तरीय जाति छानबीन समिति का गठन किया था। समिति को वर्ष 2000 से लेकर 2020 तक के कुल 758 प्रकरण मिले, जिसमें से 659 की जांच की गई। इसमें 267 प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। लगभग सभी सरकारी विभागों में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले पाए गए हैं। इसमें सबसे अधिक खेल एवं युवा कल्याण विभाग में 44 मामले हैं, वहीं भिलाई स्पात संयंत्र में 18 और सामान्य प्रशासन विभाग और कृषि विभाग में 14-14 मामले हैं।

पूर्व सीएम रमन सिंह ने घटना को बताया शर्मनाक

इस तरह प्रत्येक विभाग में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले हैं, जिसकी जांच पूरी होने औरकार्रवाई के सरका री आदेश के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया गया है। इधर कांग्रेस सरकार के खिलाफ विधानसभा तक युवाओं के पूर्ण नग्न प्रदर्शन पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ को शर्मसार करने वाली घटना है। सरकार के खिलाफ आक्रोश चरम स्तर पर पहुंच चुका है। कांग्रेस सरकार को बने लगभग 5 साल हो गए हैं, अनियमितता थी, तो इन्होंने ठीक क्यों नहीं किया। कांग्रेस सरकार कब तक अपना ही राग अलापती रहेगी। आज का दृश्य दुखद है और सरकार की भारी असफलता का प्रमाण है।

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