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तिल्दा सिंधी समाज के मुखी का चुनाव आज :समाज की पहली पंसद लख्मीचंद नागवानी..सुन्दर दासपंजवानी होगे निर्णायक

हस्तिनापुर रूपी तिल्दा नेवरा सिंधी पंचायत का चुनाव आज.दुर्योधन रूपी पूर्व मुखी की सेना को. समाज की पांडव सेना आज हटाएगी..

इंदर कोटवानी की कलम

तिल्दा नेवरा।

तिल्दा नेवरा शहर में आज सिंधी समाज के लिए ऐतिहासिक दिन है। समाज के 1500 मतदाता आज मुखी का चुनाव करेंगे। ऐसे इस बार मुखी का चुनाव दिलचस्प होने वाला है। जिस प्रकार महाभारत में कौरवों की सेना को पांडव पुत्रों ने हराया था ,ठीक उसी प्रकार आज के चुनाव में समाज के युवा रुपी पांडव सिंधी पंचायत रूपी द्रोपती का चीर हरण करते आ रहे, दुर्योधन की सेना को हारने के लिए आतुर है। दुर्योधन की तरह छलकर हस्तिनापुर रूपी तिल्दा सिंधी पंचायत पर फिर से कब्जा करने के लिए आतुर पूर्व मुखी छमन लाल खूबचंदानी कौरव सेना को पांडव की सेना यानी की सिंधी समाज के युवा और सभी उम्र के लोगों ने हस्तिनापुर रूपी सिंधी पंचायत से हटाने का पूरी तरह से मन बना लिया है।

भरी समाज के बीच पंचायत हाल में  चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान करने वाले शमनलाल से समाज के युवा और बुजुर्ग पूछ रहे हैं कि आखिर आप पंचायत का मोह क्यों नहीं छोड़ रहे हैं। आज हालात यह है कि उन्हें घर-घर जाकर स्म्स्ज के लोगो से झोली फैलाकर वोट मांगना पड़ रहा है। इसका कारण वे स्वयं समझ रहे हैं कि उनके कार्यकाल में किस तरह के कार्य हुए है किस तरह समाज के लोगों को प्रताड़ित किया गया है। 3 साल में 75 लाख रुपए पंचायत के में खर्च करने बात कहने वाले पूर्व मुखी छमनलाल ने यह नहीं बताया कि उन्होंने 75 लाखकिस एवज में खर्च किए हैं। सरकार से मिली जमीन पर महल खड़ा करने की बात कह कर लोगों से झूठे वायदे करने वाले पूर्व मुखिया के साथ किस तरह के लोग हैं इसे किसी को बताने की जररूत नही ना ही किसी से यह बात छुपा हुआ

है। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को पगड़ी रस्म के लिए पंचायत भवन देने से इनकार करने वाले मुखिया आज यह कर रहे हैं कि, उन्होंने अपने 3 साल के कार्यकाल में सरकारी प्लाट लेकर बहुत बड़ा विकास का काम किया है। जबकि सच्चाई यह है कि जो प्लांट सरकार से मिला है। उसके एवज  में पटाई गई 58 लख रुपए की राशि समाज के लोगों से सहयोग लेकर जमा की गई है। उसके साथ यह कहा जा रहा है कि 8 लख रुपए की रिश्वत अधिकारियों और नेता नुमा लोगों को दी गई है। सामजिक कार्य के लिए समाज को मिली जमीन के लिए यदि मुखी रिश्वत देते है .इससे बड़ी शर्मिंदगी की बात और कुछ नही हो सकती..

यदि पूर्व मुखी छमनलाल के कार्यकाल को समाज की जनता पसंद करती तो उन्हें घर-घर जाकर वोट मांगने की जरूरत नहीं पड़ती। अध्यक्ष पद के युवा दावेदार, साफ सुथरी छवि वाले लख्मीचंद नागवानी, और अध्यक्ष पद के दूसरे प्रत्याशी शहर के प्रतिष्ठित सुंदरदास पंजवानी, जो पूर्व मुखी शमनलाल के साथ, उपाध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में सेवाएं देते रहे हैं,आज उन्हीं को ललकारते हुए समाज के चुनावी दंगल में उतरे हैं। इससे अंदाजा लगाया  जा सकता है कि पूर्व मुखिया का कार्यकाल कैसा रहा होगा। भाजपा से जुड़े लख्मीचंद नागवानी स्वयं तीन बार पार्षद और वर्तमान में उनकी पत्नी पार्षद है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि नागवानी की  छवि कितनी साफ सुथरी है।

युवा वर्ग की पहली पसंद लख्मीचंद नागवानी का  कहना है कि वे मुखी  पद का चुनाव समाज की सेवा करने की भावना  से लड़ रहे हैं । उन्होंने कहा कि आज का चुनाव झूठ और सच बीच होने जा रहा है। फैसला समाज को करना है। मैं मुखिया बनकर नहीं समाज का सेवक बनकर समाज की सेवा करना चाहता हूं। और मैं वायदा करता हूं कि मेरे लिए समाज ही सर्वोपरि होगा । रहा सवाल सरकार से मिली जमीन पर भवन निर्माण कराए जाने का तो यह भी मेरा वादा है कि मेरा पूरा प्रयास रहेगा की मेरे 3 साल के कार्यकाल में भवन बनकर तैयार हो जाए। इसके लिए मैं जनता के सामने झोली फैला कर सहयोग मांगूंगा। पूजा सिंधी पंचायत के कार्यकारी अध्यक्ष इस चुनाव में मुखी  पद के उम्मीदवार सुंदरदास पंजवानी ने कहा कि जनता जान गई है कि पंचायत में किस तरह की  तानाशाही चल रही है।पंचायत में कुछ असामाजिक तत्व शामिल होकर, गलत कार्यों को बढ़ावा दे रहे हैं।लेकिन आज जनता अपना फैसला सच के हक में देगी।उन्होंने कहा मझे विस्वास है समाज मुझे अपना वोट देगी ,,,

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