जगदलपुर NIA की विशेष अदालत सुनाएगी फैसला, 25 मई 2013 को परिवर्तन यात्रा पर हुआ था खूनी हमला
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित और दर्दनाक नक्सली हमलों में शामिल झीरम घाटी कांड में आज 13 साल के लंबे इंतजार के बाद फैसले की घड़ी आ गई है। जगदलपुर स्थित NIA की विशेष अदालत वर्ष 2013 में हुए झीरम घाटी हमले के मामले में फैसला सुनाएगी। इससे पीड़ित परिवारों के साथ ही पूरे प्रदेश की निगाहें अदालत के निर्णय पर टिकी हुई हैं।
25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान दरभा थाना क्षेत्र की झीरम घाटी में माओवादियों ने कांग्रेस नेताओं और सुरक्षा बलों के काफिले पर घात लगाकर हमला किया था। NIA के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक इस हमले में 27 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 10 सुरक्षाकर्मी शामिल थे, जबकि 38 लोग घायल हुए थे।
हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, उनके पुत्र दिनेश पटेल, पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल और पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मारे गए थे। इस हमले ने प्रदेश की राजनीति को हिलाकर रख दिया था और इसे छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे बड़े राजनीतिक-नक्सली हमलों में गिना जाता है।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच लंबी चली जांच
हमले के बाद मामले की जांच NIA को सौंप दी गई थी। एजेंसी ने 2014 में आरोपपत्र दाखिल किया और 2015 में पूरक आरोपपत्र पेश किया। मामले में लंबे समय तक सुनवाई चली। अंतिम बहस अगस्त 2026 में पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था। पहले 31 अगस्त को फैसला सुनाए जाने की बात थी, लेकिन अदालत ने निर्णय की तारीख बढ़ाकर 5 सितंबर 2026 कर दी।
इस मामले की जांच को लेकर वर्षों से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी होते रहे हैं। खासतौर पर हमले के पीछे कथित बड़ी साजिश की जांच को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब NIA कोर्ट के फैसले से इस बहुचर्चित मामले में न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण चरण का अंत होगा।
13 साल से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे पीड़ित परिवारों और प्रदेशवासियों की नजरें अब जगदलपुर की विशेष अदालत पर टिकी हैं। झीरम घाटी कांड में आज का दिन इंसाफ की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।

