बलौदाबाजारः छत्तीसगढ़ में बलौदाबाजार में पुलिस की दबंगई का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शराब दुकान के बाहर खड़े एक युवक को पुलिस ने इतनी जोर से लात मारी कि उसके पीछे रखे पैकेट में रखी शराब की शीशी टूटकर कमर के निचले हिस्से में धंस गई। इस घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसका इलाज फिलहाल जिला अस्पताल में चल रहा है। घायल युवक शासकीय कर्मचारी बताया जा रहा है, जो किसी स्कूल में पियून के पद पर कार्यरत है। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि घायल युवक का इलाज कराने की बजाय पुलिस ने उसी के खिलाफ 36(सी) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस घटना को लेकर युवक कांग्रेस में आक्रोश फैल गया है। जिला अध्यक्ष शैलेंद्र बंजारे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने थाना परिसर के बाहर गांधी की तस्वीर लेकर शांतिपूर्ण धरना दिया और थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने कहा कि “अभी तक हमारे पास इस घटना को लेकर कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि शिकायत मिलती है, तो 24 घंटे के भीतर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बलौदा बाजार पुलिस और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “इस सरकार में कानून का राज नहीं, बल्कि जंगलराज चल रहा है। पुलिस आम जनता पर अत्याचार कर रही है और सरकार चुप्पी साधे बैठी है।” अब सवाल यह उठ रहा है कि जब युवक खुद घायल है, तो पुलिस ने उसके खिलाफ ही FIR क्यों दर्ज की? क्या यह पुलिस की दबंगई का मामला नहीं है? देखना होगा कि प्रशासन इस पर कब और कैसी कार्रवाई करता है।

