नगर पालिका ने गठित की विशेष फायर सेफ्टी टास्क फोर्स, 7 दिन में Fire NOC सहित जरूरी दस्तावेज जमा करने के निर्देश, नियमों की अनदेखी पर सीलिंग की कार्रवाई संभव।
तिल्दा-नेवरा-देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अस्पतालों, होटलों, कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक परिसरों में लगातार सामने आ रही आगजनी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा ने बड़ा कदम उठाया है। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नगर पालिका ने विशेष फायर सेफ्टी टास्क फोर्स का गठन किया है, जो शहर के प्रमुख संस्थानों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच करेगी।
छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशों के तहत गठित इस संयुक्त जांच समिति की अध्यक्षता मुख्य नगर पालिका अधिकारी करेंगे। समिति में उप अभियंता, राजस्व निरीक्षक तथा स्वच्छता प्रभारी सहित अन्य अधिकारी शामिल किए गए हैं।
नगर पालिका ने शहर के अस्पतालों, नर्सिंग होम, होटल, रेस्टोरेंट, क्लब हाउस, सामाजिक भवन एवं अन्य बड़े व्यावसायिक परिसरों को नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर भवन अनुज्ञा, विद्युत सुरक्षा प्रमाणपत्र, लिफ्ट फिटनेस सर्टिफिकेट और वैध फायर एनओसी नगर पालिका कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।निरीक्षण के दौरान टीम भवनों में राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC-2016) के अनुरूप सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। इसमें इमरजेंसी एग्जिट, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम, अग्निशामक यंत्रों तथा लिफ्ट सुरक्षा की विशेष रूप से समीक्षा की जाएगी।
नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ भवन सील करने, अनुज्ञा निरस्त करने सहित वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कहा कि हाल के दिनों में विभिन्न शहरों में हुई आगजनी की घटनाएं सभी के लिए चेतावनी हैं। नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संस्थान संचालकों से सुरक्षा मानकों का पालन कर अभियान में सहयोग करने की अपील की है।
नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि भविष्य में आगजनी जैसी घटनाओं की आशंका को न्यूनतम किया जा सके और शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

