जागरूकता रैली और पेंटिंग के जरिए दिया बाल संरक्षण का संदेश, बच्चों को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने किया प्रेरित
तिल्दा-नेवरा-बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और बाल शोषण से बचाव के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर के मार्गदर्शन में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, देवरी में विशेष साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 295 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। शिविर में बाल अधिकार, पॉक्सो अधिनियम, बाल शोषण से बचाव और साइबर सुरक्षा की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश “जागरूकता, सुरक्षा एवं संरक्षण—हर बच्चे का अधिकार” रहा। विद्यार्थियों को बताया गया कि सुरक्षित वातावरण, सम्मान और शिक्षा प्राप्त करना प्रत्येक बच्चे का अधिकार है तथा किसी भी प्रकार के शोषण या अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।

[शिविर में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने बाल अधिकार, पॉक्सो अधिनियम और साइबर सुरक्षा की जानकारी प्राप्त की]।
न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दी पॉक्सो कानून की जानकारी
शिविर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी एवं अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण, तिल्दा-नेवरा भावेश कुमार वट्टी ने विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो) के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बाल अधिकारों, बाल शोषण से बचाव, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि यदि उनके साथ या उनके आसपास किसी बच्चे के साथ अनुचित व्यवहार होता है, तो चुप रहने के बजाय किसी विश्वसनीय अभिभावक, शिक्षक अथवा संबंधित प्राधिकारी को इसकी जानकारी दें।
साइबर अपराध से बचने पुलिस ने किया जागरूक
पुलिस विभाग की ओर से PSI शान्ता सिदार ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, इंटरनेट पर अनजान लोगों से सावधानी बरतने तथा ओटीपी, पासवर्ड और निजी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने के बारे में बताया।विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि साइबर अपराध का सामना करने पर उचित माध्यम से शिकायत दर्ज कराना और समय रहते मदद लेना बेहद जरूरी है।
रैली और पेंटिंग से दिया बाल सुरक्षा का संदेश
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर की अधिकार मित्र श्रीमती नव्या साहू ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने “मेरा बचपन, मेरा अधिकार”, “बोलो, बताओ, बचाओ”, “ना बाल विवाह, ना बाल शोषण” और “कानून जानो, बचपन बचाओ” जैसे नारों के माध्यम से बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली निकाली और पेंटिंग गतिविधि के माध्यम से बाल अधिकार, बाल सुरक्षा तथा सुरक्षित बचपन का संदेश दिया। इन गतिविधियों के जरिए बच्चों में रचनात्मकता, सामाजिक जिम्मेदारी और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। साथ ही, बच्चों को उपलब्ध कानूनी सहायता और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई।
बच्चों की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि हर बच्चे को सुरक्षित बचपन, सम्मान, शिक्षा और संरक्षण मिलना उसका अधिकार है। बाल विवाह, बाल शोषण और साइबर अपराध जैसी चुनौतियों से बच्चों को बचाने के लिए परिवार, विद्यालय, प्रशासन और समाज को मिलकर प्रयास करना होगा। जागरूकता ही बच्चों को उनके अधिकारों की पहचान कराने और उन्हें सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

