छत्तीसगढ़

सीएम विष्णुदेव साय ने बताया कौन से 2 इलाके हो गए हैं नक्सल मुक्त, गृह मंत्री अमित शाह ने मुलाकात के दौरान की तारीफ

सीएम विष्णुदेव साय ने गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात के दौरान अहम मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने गृह मंत्री को बताया कि प्रदेश के यह 2 इलाके अब नक्सल मुक्त हो गए

छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार की रात को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। सीएम ने गृह मंत्री को बताया कि बस्तर और कोंडागांव जिले अब नक्सल मुक्त हैं। अन्य इलाकों में भी नक्सलियों के खिलाफ अभियान चल रहा है। राज्य सरकार और सुरक्षाबलों के प्रयासों से यह सफलता मिली है। विकास कार्यों से भी नक्सलवाद कम हुआ है। शाह ने राज्य सरकार की तारीफ की।

मुख्यमंत्री साय ने अमित शाह को नक्सल विरोधी अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने बस्तर में चल रहे विकास कार्यों के बारे में भी बताया। साय ने कहा कि बस्तर और कोंडागांव में नक्सलियों का नेटवर्क खत्म हो गया है। इसमें सुरक्षाबलों और राज्य सरकार दोनों का योगदान है। इन जिलों में काफी समय से कोई नक्सली घटना नहीं हुई है।

अभी भी अभियान जारी है

सीएम ने कहा कि नक्सलवाद खत्म होने की एक बड़ी वजह विकास कार्य भी हैं। सड़कें, स्कूल, अस्पताल और रोजगार के नए मौके बने हैं। इससे स्थानीय लोगों का भरोसा सरकार पर बढ़ा है और नक्सलियों का प्रभाव कम हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बाकी नक्सल प्रभावित इलाकों में भी अभियान जारी है। जल्द ही उन्हें भी नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य है। सरकार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों और हिंसा पीड़ित परिवारों के पुनर्वास पर भी ध्यान दे रही है।

2 कार्यक्रमों में आने का दिया न्योता

मुख्यमंत्री साय ने अमित शाह को ‘बस्तर ओलंपिक’ के समापन समारोह में आने का न्योता दिया। पुलिस पुरस्कार वितरण समारोह में भी शामिल होने का निमंत्रण दिया। गृह मंत्री ने दोनों निमंत्रण स्वीकार कर लिए। साय ने बताया कि नक्सल हिंसा पीड़ितों के लिए 15,000 घर बनाए जा रहे हैं। यह काम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हो रहा है।

अमित शाह ने की तारीफ

अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बलों की प्रशंसा की। छत्तीसगढ़ सरकार का यह काम इस दिशा में एक अहम कदम है। यह क्षेत्र के विकास के लिए एक नया अध्याय शुरू करेगा। स्थानीय लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। वे अब बिना डर के जी सकेंगे और विकास में भागीदार बन सकेंगे। सरकार का ध्यान अब शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर होगा। बस्तर और कोंडागांव के नक्सल मुक्त होने से दूसरे इलाकों में भी उम्मीद जगी है।

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