रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के चावल की सप्लाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी है। चावल की बोरियों पर अब बारकोड लगाने की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके जरिए मिलर से निकलने वाले चावल की बोरी को ट्रैक किया जा सकेगा और सप्लाई के दौरान होने वाले हेरफेर की आशंका को कम किया जा सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत मिलर से पीडीएस के लिए भेजे जाने वाले चावल की बोरियों पर बारकोड लगाया जाएगा। बारकोड के माध्यम से बोरी की पहचान और उसकी सप्लाई की निगरानी की जा सकेगी। इससे मिलर से निकलने के बाद चावल के परिवहन और वितरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
बताया गया है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य पीडीएस चावल की सप्लाई में होने वाले संभावित बदलाव या हेरफेर पर रोक लगाना है। सरकार इस व्यवस्था को दिसंबर 2026 से लागू करने की तैयारी में है। हालांकि इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और लागू होने की अंतिम प्रक्रिया का आधिकारिक आदेश जारी होना बाकी है।
छत्तीसगढ़ खाद्य विभाग पहले से ही पीडीएस व्यवस्था में ऑनलाइन ट्रैकिंग, स्टॉक और वितरण संबंधी डिजिटल मॉड्यूल संचालित कर रहा है। विभाग की वेबसाइट पर राशन सामग्री के आवंटन और वितरण की ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध है।
नई बारकोड व्यवस्था लागू होने के बाद मिलर से उचित मूल्य दुकान तक पहुंचने वाले चावल की निगरानी और पहचान पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

