कहीं लड्डू से भोग लगा तो कहीं मोदक स
तिल्दा-नेवरा। गणेश चतुर्थी पर सोमवार को शहर सहित आसपास के पूरे क्षेत्र में भगवान गणेश की भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। सुबह से ही घरों और गणेश पंडालों में विधि-विधान के साथ प्रथम पूज्य भगवान गणेश की स्थापना का सिलसिला शुरू हो गया, इसी बीच मौसम ने भी ऐसा रंग बदला, मानो स्वयं इंद्रदेव गजानन के अभिषेक के लिए उतर आए हों। करीब 30 मिनट तक हुई बारिश में भगवान गणेश की प्रतिमाओं पर बूंदें बरसती रहीं। कहीं यह बूंदें गजानन का अभिषेक करती नजर आईं तो कहीं ऐसा लगा, जैसे इंद्रदेव स्वयं उनके चरणों में नमन करने पहुंचे हों।
बारिश के दौरान शहर के कुछ गणेश पंडालों में पानी भी भर गया। पानी में गणेश प्रतिमाओं का प्रतिबिंब बेहद मनोहारी नजर आया। ऐसा दृश्य बना, मानो इंद्रदेव ने गजानन को अपने दिल में उतार लिया हो। बारिश ने गणेशोत्सव के उल्लास में प्रकृति का भी एक अलग ही रंग जोड़ दिया।
शहर में कई स्थानों पर सड़क किनारे गणेश प्रतिमाओं की बिक्री के लिए दुकानें और स्टॉल लगाए गए थे। बारिश के दौरान यहां रखी प्रतिमाओं पर भी बूंदें बरसती रहीं। हालांकि श्रद्धालुओं और प्रतिमा विक्रेताओं ने बारिश के बीच भी उत्साह बनाए रखा।
इस बार गणेश चतुर्थी का शुभारंभ हरतालिका तीज पर्व के साथ हुआ। लंबे अंतराल के बाद दोनों पर्व एक साथ पड़ने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
गणेशोत्सव को लेकर सुबह से ही बच्चे हाथों में गणेश प्रतिमाएं लेकर जयकारे लगाते हुए पंडालों की ओर जाते दिखाई दिए। बड़े पंडालों में समितियों द्वारा एक दिन पहले ही प्रतिमाओं का नगर प्रवेश और स्थापना की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं।
शहर के स्टेशन चौक, बनियापारा, स्टेशन रोड स्थित रमेश दुबे परिसर, सिंधी कैंप सहित करीब आधा दर्जन स्थानों पर बड़ी गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। सिंधी कैंप और बनियापारा की गणेश समितियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं का नगर प्रवेश कराया। गाजे-बाजे के साथ प्रतिमाओं को पंडालों तक लाया गया। सिंधी कैंप स्थित रराजनिग सन गणेश समिति ने प्रतिमा की पंडाल में स्थापना के बाद बप्पा को लड्डू का भोग लगाया गया.इस मौके पर जोरदार आतिशबाजी कर गजानन का स्वागत किया। वही स्टेशन रोड में मोदक अर्पित किए गए। चंदन-केसर का तिलक लगाकर और आकर्षक पोशाक पहनाकर गजानन का शृंगार किया गया।
दस दिनों तक गूंजेंगे बप्पा के जयकारे
गणपति स्थापना के साथ ही अब अगले दस दिनों तक शहर में गणेशोत्सव की रौनक रहेगी। सुबह-शाम पंडालों में होने वाली आरती और गणपति बप्पा के जयकारों की गूंज दूर-दूर तक सुनाई देगी। इस बार विभिन्न समितियों ने आकर्षक और भव्य प्रतिमाएं स्थापित की हैं, जिन्हें देखने और दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।
बारिश के कारण फिलहाल लोगों की आवाजाही कुछ कम है, लेकिन मौसम साफ होते ही परिवारों के साथ श्रद्धालु गणेश पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचेंगे। आगामी तीन-चार दिनों में सड़कों पर श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल सकती है।
पंडालों में बंटेगा प्रसाद
गणेशोत्सव के दौरान विभिन्न पंडालों में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण भी किया जाएगा। समितियों की ओर से हलवा, मिठाई, समोसा, पोहा सहित विभिन्न प्रसाद की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए कई समितियों ने पहले से ही हलवाइयों को बुक कर लिया है। गणेशोत्सव के साथ ही शहर में धार्मिक आयोजनों और सामूहिक प्रसाद वितरण का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

