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कांग्रेस को बढ़त, सीएम बघेल ने प्रत्याशियों को संभालने के लिए बुक किया चार्टर प्लेन

छत्तीसगढ़ के एग्जिट पोल में जिस तरह के नतीजे आए हैं, इसके मुताबिक कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है। बघेल राज्य में सीएम फेस के लिए पहली पसंद बनकर भी उभरे हैं। हालांकि इस एग्जिट पोल में भाजपा की सीटों में बढ़त दिखाई जा रही है…

मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे तीन दिसंबर को आएंगे। उससे पहले अलग-अलग एजेंसियों ने एग्जिट पोल के नतीजे जारी किए हैं। आजतक-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के आंकड़े के अनुसार, इस बार कांग्रेस को 42, भाजपा को 41 और अन्य को 17 फीसदी वोट मिल सकते हैं। राज्य में एक बार फिर कांग्रेस को बढ़त मिलती दिख रही है। इस चुनाव में कांग्रेस को 40-50 सीटें, भाजपा को 36-46 सीटें जबकि अन्य के खाते में 1-5 सीटें जा सकती हैं।

छत्तीसगढ़ के एग्जिट पोल में जिस तरह के नतीजे आए हैं, इसके मुताबिक कांग्रेस के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है। बघेल राज्य में सीएम फेस के लिए पहली पसंद बनकर भी उभरे हैं। हालांकि इस एग्जिट पोल में भाजपा की सीटों में बढ़त दिखाई जा रही है। इसके पीछे चुनाव के आखिरी दौर में भाजपा का आक्रमक प्रचार और पीएम की ताबड़तोड़ रैलियां मानी जा रही हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में भाजपा के घोषणापत्र ने लोगों को विशेष रूप से आकर्षित किया है।

कांग्रेस ने जीते हुए विधायकों के लिए बुक किया चार्टर प्लेन

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव का परिणाम आने से पहले हॉर्स ट्रेडिंग से बचने की तैयारी कर ली है। पार्टी ने परिणाम आते ही अपने जीते हुए प्रत्याशियों को बेंगलुरु भेजने की तैयाारी में जुट गई है। इसके लिए कांग्रेस ने 72 सीटर वाला चार्टर प्लेन भी बुक करा लिया है। इसमें जीते विधायकों के साथ ही पार्टी के नेता भी होंगे। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है।

सूत्रों की मानें तो पार्टी ने सभी प्रत्याशियों से कहा है कि जीत का सर्टिफिकेट मिलते ही उसे लेकर सीधे रायपुर चले आएं। यहां के वीआईपी रोड पर एक होटल में नवनिर्वाचित विधायकों के रुकने की व्यवस्था की जा रही है। सभी प्रत्याशी रातभर एक साथ यही रुकेंगे। कांग्रेस पार्टी के बस्तर से लेकर सरगुजा तक के नवनिर्वाचित विधायकों को आने में जो समय लगेगा, इसे ध्यान में रखते हुए दूसरे दिन यानी 4 दिसंबर को सभी जीते हुए विधायकों को बेंगलुरु भेजा जाएगा।

एमपी कांग्रेस से छत्तीसगढ़ ने लिया सबक

2018 में कांग्रेस पार्टी ने मध्यप्रदेश में अपनी सरकार बना ली थी। सरकार बनाने के डेढ़ साल बाद ही कुछ विधायक कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। इसके चलते कांग्रेस की सरकार गिरा दी गई थी। एमपी के अलावा महाराष्ट्र जैसे कई राज्यों से सबक लेते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

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