उपमुख्यमंत्री का दावा– सुरक्षाबलों के साहस से माओवादी संगठनों का सफाया, प्रधानमंत्री मोदी ने जवानों के साथ दिवाली मनाकर दुनिया को दिया बड़ा संदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे का दावा करते हुए कहा है कि सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और लगातार चलाए गए अभियानों के परिणामस्वरूप माओवादी संगठनों की पकड़ कमजोर हुई है। अब बस्तर भय और हिंसा की पहचान से बाहर निकलकर पर्यटन, रोजगार और विकास की नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बस्तर दौरे के बाद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जवानों के साथ दिवाली मनाने के लिए बस्तर को चुना, यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और सम्मान की बात है। इस दौरे से देश और दुनिया को संदेश गया है कि बस्तर में अब शांति और विकास का नया दौर शुरू हो रहा है।
एक साल में जवानों की शहादत नहीं होने को बताया बड़ी उपलब्धि
विजय शर्मा ने नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षाबलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पिछले एक साल में एक भी जवान शहीद नहीं हुआ है। यह अभियान की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने CRPF सहित सभी सुरक्षा एजेंसियों के योगदान की प्रशंसा करते हुए जवानों को बधाई दी।
बस्तर के हर क्षेत्र में लागू होगा संविधान
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान की व्यवस्था अब बस्तर के उन क्षेत्रों तक पहुंच रही है, जहां लंबे समय तक माओवादी गतिविधियों के कारण सरकारी व्यवस्थाओं और विकास कार्यों की पहुंच सीमित रही। माओवादी प्रभाव समाप्त होने से बस्तर के लोगों के जीवन में बदलाव के नए अवसर पैदा होंगे।
पर्यटन से लेकर जैविक खेती तक खुलेंगे नए अवसर
विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद का प्रभाव कम होने से बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, जंगल, जलप्रपात और सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने लाने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण, लघु वनोपज के कारोबार और जैविक कृषि उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के रास्ते खुलेंगे।
जवानों के बीच प्रधानमंत्री ने मनाई दिवाली
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को बस्तर के करनपुर स्थित कोबरा ऑपरेशंस बेस पहुंचे थे। यहां उन्होंने सुरक्षाबलों के जवानों के साथ दिवाली मनाई और शहीद CRPF जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने जवानों के साथ त्योहार की खुशियां साझा करते हुए नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षाबलों के योगदान को याद किया।
बस्तर के लिए यह बदलाव केवल नक्सलवाद के खिलाफ अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि अब सबसे बड़ी चुनौती शांति के इस माहौल को स्थायी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार में बदलने की होगी।

