एक महीने में फिर सामने आए मारपीट के दो वीडियो, बहतराई और अशोक नगर के अटल आवास में भिड़ीं युवतियां; राहगीर बने तमाशबीन, मोबाइल में कैद होती रही मारपीट, पुलिस तक नहीं पहुंची शिकायत
बिलासपुर। आखिर युवा पीढ़ी किस दिशा में जा रही है? विवादों का समाधान बातचीत से करने के बजाय सड़क पर बाल खींचकर, थप्पड़ और लात-घूंसे बरसाकर किया जाएगा तो समाज को क्या संदेश जाएगा? बिलासपुर में युवतियों के बीच मारपीट के लगातार सामने आ रहे वीडियो कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। शहर में एक बार फिर युवतियों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। एक घटना बहतराई इलाके की बताई जा रही है, जबकि दूसरी अशोक नगर स्थित अटल आवास की है। दोनों घटनाओं में युवतियां आपस में भिड़ती, एक-दूसरे के बाल खींचती और थप्पड़ व लात-घूंसे मारती दिखाई दे रही हैं।

हैरानी की बात यह है कि सड़क पर यह पूरा घटनाक्रम चलता रहा। आसपास लोगों की भीड़ जुट गई। कुछ लोग बीच-बचाव करते नजर आए तो कुछ मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। सवाल यह भी है कि विवाद इतना बढ़ने से पहले उसे रोकने की कोशिश क्यों नहीं हुई?
एक महीने में दूसरी बार ऐसी तस्वीरें, आखिर क्यों नहीं थम रहा विवाद?
बिलासपुर में यह पहला मामला नहीं है। करीब एक महीने पहले सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कुदुदंड पुल के पास भी युवतियों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। उस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। आरोप था कि मारपीट में शामिल एक युवती ने अपने इंस्टाग्राम स्टेटस पर वीडियो साझा करते हुए ‘कैसा लगा’ लिखा था। मामला सामने आने के बाद मारपीट करने वाली तीन युवतियों ने माफी मांगी थी। पुलिस ने थाने में उनसे कान पकड़कर उठक-बैठक कराई और भविष्य में ऐसी हरकत नहीं करने की हिदायत दी थी।
लेकिन अब बहतराई और अशोक नगर की दो नई घटनाओं के वीडियो सामने आने से सवाल उठ रहा है कि क्या पिछली कार्रवाई का कोई असर नहीं हुआ? क्या सोशल मीडिया पर अपनी ताकत दिखाने और वीडियो वायरल करने की होड़ में सार्वजनिक मर्यादा भी पीछे छूटती जा रही है?
बहतराई में बहस से शुरू हुआ विवाद, फिर चलने लगे थप्पड़ और घूंसे
पहला वीडियो बहतराई इलाके का बताया जा रहा है। इसमें कुछ युवतियां किसी बात को लेकर आपस में बहस करती दिखाई देती हैं। देखते ही देखते कहासुनी गाली-गलौज में बदल जाती है। इसके बाद दोनों पक्षों की युवतियां एक-दूसरे पर टूट पड़ती हैं। बाल खींचने, थप्पड़ मारने और लात-घूंसे चलाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। सड़क पर मारपीट देखकर आसपास लोगों की भीड़ जमा हो जाती है।
अशोक नगर के अटल आवास में भी भिड़े दो गुट
दूसरा वीडियो अशोक नगर स्थित अटल आवास का बताया जा रहा है। यहां भी युवतियों के दो गुटों के बीच विवाद के बाद मारपीट हुई। दोनों वीडियो सामने आने के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस तक नहीं पहुंची शिकायत, वीडियो से होगी पहचान
दोनों ताजा घटनाओं को लेकर फिलहाल किसी पक्ष की ओर से थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर घटनास्थल और मारपीट में शामिल युवतियों की पहचान करने में जुटी है।
सवाल सिर्फ मारपीट का नहीं, बदलते सामाजिक व्यवहार का भी है
लड़कियां हों या लड़के, किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। छोटी-छोटी बातों पर हिंसा, सार्वजनिक स्थानों पर मारपीट और फिर सोशल मीडिया पर वीडियो का प्रसार, यह केवल पुलिस के लिए चुनौती नहीं बल्कि परिवार और समाज के लिए भी चिंता का विषय है। आखिर विवाद सुलझाने का तरीका मारपीट और सोशल मीडिया पर अपनी दबंगई दिखाना कब से बन गया? समय रहते ऐसी प्रवृत्तियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस, परिवार और समाज को गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

