सरगुजा में मानव-हाथी संघर्ष बढ़ा, एक महीने में 12 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त और 100 हेक्टेयर से ज्यादा फसल को नुकसान
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाथियों का दल लगातार गांवों और खेतों के आसपास पहुंचकर मकानों को नुकसान पहुंचा रहा है। ताजा घटनाक्रम में बुजुर्ग दंपत्ति के घर को तोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
स्थानीय क्षेत्र में बीते करीब एक महीने से हाथियों की आवाजाही और उत्पात की घटनाएं सामने आ रही हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान 12 से अधिक कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और 100 हेक्टेयर से ज्यादा कृषि भूमि की फसल को नुकसान पहुंचा है।
उदयपुर क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग निगरानी कर रहा है। 24 अक्टूबर की एक रिपोर्ट के अनुसार, 12 हाथियों के दल ने हर्राघाट में दो मकानों को नुकसान पहुंचाया था। विभाग ने ग्रामीणों को रात में अकेले जंगल की ओर नहीं जाने और हाथियों के करीब न जाने की सलाह दी थी।
इस बीच, हाथियों से होने वाले नुकसान का स्थायी समाधान निकालने की मांग भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा, सुरक्षित आश्रय और ग्रामीणों को समय रहते सूचना मिलना जरूरी है।ग्रामीणों से अपील: हाथियों को घेरने, भगाने या उनके पास जाकर वीडियो बनाने की कोशिश न करें। हाथियों की मौजूदगी दिखने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

