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छुट्टियों का फायदा उठाकर सरकारी जमीनों पर कब्जे की होड़, तिल्दा-नेवरा में तेजी से खड़ी हो रहीं दुकानें और ऊंची दीवारें, कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवाल

तिल्दा-नेवरा-तिल्दा-नेवरा। शहर और आसपास के इलाकों में सरकारी जमीनों पर कथित अतिक्रमण का सिलसिला तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। कहीं दुकानें बनाई जा रही हैं तो कहीं मकान और चारदीवारी खड़ी की जा रही है। लगातार तीन दिनों की छुट्टी का फायदा उठाकर अतिक्रमणकारी सरकारी जमीनों पर तेजी से निर्माण कार्य करा रहे हैं। छुट्टी के दौरान जिस रफ्तार से निर्माण किया जा रहा है, उससे संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

सबसे गंभीर मामला अग्रसेन चौक के पास सामने आया है, जहां करोड़ों रुपये कीमत की बताई जा रही जमीन पर एक कथित भाजपा नेता द्वारा एक महिला के माध्यम से कब्जा किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। मौके पर दो दिनों के भीतर करीब सात फीट ऊंची दीवार खड़ी किए जाने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक निर्माण कार्य में एक साथ कई मिस्त्रियों को लगाकर तेजी से काम कराया गया, जिससे छुट्टी के दौरान ही जमीन पर निर्माण पूरा करने की कोशिश की गई।

मामले की शिकायत कुछ लोगों और प्रेस से जुड़े संवाददाताओं द्वारा तहसीलदार तिल्दा-नेवरा से किए जाने की बात सामने आई है। बताया गया कि तहसीलदार ने छुट्टी का दिन होने का हवाला देते हुए कार्य दिवस पर मौके का निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई करने की बात कही।

राजस्व मंत्री के दावे के बीच अतिक्रमण पर सवाल

तिल्दा-नेवरा क्षेत्र बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में आता है। क्षेत्र के भाजपा विधायक टंक राम वर्मा प्रदेश के राजस्व मंत्री हैं। मंत्री सार्वजनिक रूप से कई बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में उनके ही विधानसभा क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर कथित कब्जे के मामले सामने आना प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अतिक्रमण करने वालों में सत्ताधारी दल से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोग भी शामिल हैं। इनमें कुछ लोगों को मंत्री के करीबी होने का दावा भी किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि संबंधित जमीनों पर कब्जे अथवा निर्माण की जानकारी मंत्री तक पहुंची है या नहीं।

गरीब की झोपड़ी पर तत्काल कार्रवाई, रसूखदारों पर मेहरबानी का आरोप
क्षेत्र के एक विपक्षी दल के नेता ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीनों पर कब्जे के मामले में प्रशासन दोहरा रवैया अपना रहा है। उनका कहना है कि यदि कोई गरीब व्यक्ति सरकारी जमीन पर झोपड़ी बनाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर दी जाती है, जबकि प्रभावशाली लोगों द्वारा किए जा रहे कथित अतिक्रमण पर अधिकारी कार्रवाई करने में देर करते हैं।
नेता ने यहां तक चेतावनी दी कि यदि इसी तरह सरकारी जमीनों पर कब्जे जारी रहे तो वे गरीब परिवारों को भी वहां बसाने का अभियान शुरू करेंगे और कार्रवाई का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।

सब्जी मंडी में भी अवैध वसूली के आरोप

विपक्षी नेता ने SDM कार्यालय के पास  सब्जी मंडी क्षेत्र में भी कुछ पार्षदों और प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से दुकानें बनवाने तथा लोगों से लाखों रुपये वसूलने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई स्थानों पर रातों-रात दुकान के आकार के ठेले अथवा अस्थायी निर्माण खड़े कर दिए जाते हैं।

इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि प्रशासन द्वारा इन मामलों की जांच कराई जाती है तो सरकारी जमीनों के वास्तविक रिकॉर्ड और मौके की स्थिति से तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।
अब नजर तहसीलदार की कार्रवाई पर
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी जमीन पर निर्माण की अनुमति नहीं है तो छुट्टी के दौरान तेजी से खड़ी की गई दीवार और अन्य निर्माण पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं प्रशासन का कहना है कि कार्य दिवस पर मौके का निरीक्षण करने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।अब देखना यह है कि कार्य दिवस पर तहसीलदार मौके का निरीक्षण कर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या अग्रसेन चौक सहित अन्य स्थानों पर सरकारी जमीनों पर किए जा रहे कथित अतिक्रमण की जांच शुरू होती है। मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रदेश के राजस्व मंत्री स्वयं अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कह चुके हैं।

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