तिल्दा-नेवरा-छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज का 81वां महाधिवेशन फरवरी 2027 में धरसींवा राज में आयोजित किया जाएगा। महाधिवेशन को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए राजप्रधान नीलमणि परगनिहा के नेतृत्व में राज कार्यकारिणी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
समाज में महाधिवेशन को महासभा और महाकुंभ के समान माना जाता है। इसी महासभा में समाज की दशा-दिशा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं तथा नए कानून और नियम निर्धारित किए जाते हैं। समाज का अपना लिखित संविधान है और यह पंजीकृत सोसायटी के रूप में संचालित होता है।
महाधिवेशन की तैयारियों को लेकर धरसींवा राज कार्यालय स्थित बेनी राम हनुमंता स्मृति भवन में राज कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें संरक्षक एवं सलाहकार मंडल को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। बैठक में आयोजन स्थल, संभावित बजट, आर्थिक व्यवस्था और महाधिवेशन को ऐतिहासिक बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
चार गांवों ने आयोजन के लिए दिया प्रस्ताव
महाधिवेशन की मेजबानी के लिए मोहदा, बनसांकरा, गिरौद और मोहदी से आवेदन प्राप्त हुए हैं। चारों गांवों के प्रस्ताव केंद्रीय अध्यक्ष को भेजे जाएंगे। इसके बाद केंद्रीय टीम संबंधित गांवों का निरीक्षण कर आयोजन के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करेगी।
बैठक में पूर्व राजप्रधान ऋषि कुमार वर्मा ने परसतराई में हुए पूर्व महाधिवेशन के अनुभव साझा करते हुए आयोजन की रूपरेखा, बजट और धन संग्रह को लेकर प्रस्ताव रखा। पूर्व केंद्रीय महामंत्री रुद्र कुमार वर्मा ने स्वेच्छानुदान प्राप्त करने की प्रक्रिया पर सुझाव दिया। केंद्रीय मंत्री डॉ. जीवराखन वर्मा ने भी अपने विचार रखे।
सचिव जितेंद्र वर्मा ने बैठक की कार्यवाही पंजी में दर्ज की और प्रस्तावों का वाचन किया। सदस्यों ने प्रस्तावों को ध्वनिमत से पारित किया।
बैठक में जुटा एक लाख रुपये का सहयोग
बैठक में तय किया गया कि धरसींवा राज में निवासरत स्वजातियों से प्रति एकड़, निजी एवं शासकीय क्षेत्र में कार्यरत तथा व्यवसाय से जुड़े स्वजातियों से निर्धारित राशि स्वेच्छानुदान के रूप में एकत्रित की जाएगी। इसके अलावा समाज के विशेष व्यक्तियों से टीम सीधे संपर्क कर सहयोग राशि जुटाएगी।
धरसींवा राज समाज के दस राजों में सबसे छोटा राज है, लेकिन बैठक में वक्ताओं ने इसकी संगठन क्षमता और सामाजिक एकजुटता को मजबूत बताया। बैठक में ही 10 स्वजातियों ने स्वेच्छानुदान की घोषणा कर तत्काल एक लाख रुपये जुटाए। वहीं बीरगांव निवासी दिलीप वर्मा ने महाधिवेशन के दौरान दो दिनों की भोजन व्यवस्था अपने खर्च पर कराने की घोषणा पहले ही कर दी है।
बैठक में समाज के महापुरुषों डॉ. खूबचंद बघेल, स्वामी आत्मानंद महाराज, दाऊ भोला प्रसाद, डॉ. नरेंद्रदेव वर्मा और दाऊ विजय वर्मा के योगदान को याद किया गया।
वहीं लगातार बैठकों की सूचना के बावजूद अनुपस्थित रहने वाले कुछ ग्राम प्रमुखों को बदलने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इसे जल्द अमल में लाने की बात कही गई।
बैठक का संचालन राजमंत्री धर्मेंद्र वर्मा ने किया। अंत में आभार व्यक्त करते हुए बैठक समाप्त की गई।

