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आत्मशक्ति से नशे पर निर्णायक प्रहार: तिल्दा में ’10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा’ महाअभियान का आगाज़

तिल्दा-नेवरा। नशामुक्त भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा सेवाकेंद्र द्वारा गुरुवार को भारत सरकार के न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के सहयोग से “10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा राष्ट्रीय महाअभियान” का भव्य शुभारंभ किया गया। मंत्री टंकराम वर्मा के मुख्य आतिथि के रूप उपस्थित रहे .।. इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिल्दा की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमा पैकरा, नगर पालिका तिल्दा के सीएमओ अमिताभ शर्मा, महिला मंडल की अध्यक्ष एवं समाजसेविका नीलम अग्रवाल तथा पार्षद रानी सौरभ जैन सहित बड़ी संख्या में नागरिक विशेष रूप से शामिल हुए ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा की संचालिका बीके प्रियंका ने कहा कि आज का युवा वर्ग तेजी से नशे की गिरफ्त में फंसता जा रहा है, जो समाज और राष्ट्र दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि देश में प्रतिदिन 13 से 18 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 5,500 बच्चे किसी न किसी प्रकार के नशे की शुरुआत करते हैं, जबकि तंबाकू सेवन से प्रतिदिन करीब 3,700 लोगों की मौत होती है। उन्होंने कहा कि नशा राष्ट्र के विकास की नींव को कमजोर करता है और इसका स्थायी समाधान केवल आत्मशक्तिकरण तथा राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने दावा किया कि राजयोग अपनाकर नशा छोड़ने वाले करीब 97 प्रतिशत लोग दोबारा नशे की ओर नहीं लौटते।

मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं का स्वस्थ, संस्कारी और नशामुक्त होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है, लेकिन समाज की सक्रिय भागीदारी के बिना इस लड़ाई को पूरी तरह नहीं जीता जा सकता। उन्होंने युवाओं से खेल, योग और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि हर परिवार नशामुक्ति का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य मिल सकता है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा चलाए जा रहे इस जनजागरण अभियान की सराहना करते हुए इसे सामाजिक परिवर्तन की प्रभावी पहल बताया।


पार्षद रानी सौरभ जैन ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी निभाने से संभव होगा। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और उसे नशे जैसी

वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमा पैकरा ने कहा कि वे नियमित रूप से नशे की लत से जूझ रहे लोगों की काउंसलिंग करती हैं और उनके अनुभव में आध्यात्मिकता व्यक्ति के भीतर सकारात्मक बदलाव लाने का प्रभावी माध्यम है। वहीं सीएमओ अमिताभ शर्मा ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति इसकी शुरुआत स्वयं से करे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे।

समाजसेविका नीलम अग्रवाल ने कहा कि किसी भी चीज़ की अति ही नशा बन जाती है और इसकी शुरुआत अक्सर अकेलेपन तथा अवसाद से होती है। ऐसे लोगों को आध्यात्मिक सहयोग और सकारात्मक वातावरण देकर नई दिशा दी जा सकती है। तिल्दा में आध्यात्मिक जागरण के लिए ब्रह्माकुमारीज़ के प्रयासों की सराहना की। पार्षद रानी सौरभ जैन ने इस अभियान से जुड़ने को सौभाग्य बताते हुए इसके शुभारंभ के लिए मंत्री टंकराम वर्मा का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के समापन पर राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से नशे की लत पर विजय प्राप्त करने वाले “नशामुक्त वीरों” का सम्मान किया गया। साथ ही उपस्थित सभी नागरिकों ने नशामुक्त भारत के निर्माण की सामूहिक प्रतिज्ञा लेकर समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प दोहराया।

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