फर्जी ग्रामसभा पर विधानसभा में बवाल, भूपेश की मांग- जमीन आवंटन रद्द कर उद्योगों पर कार्रवाई
अल्दा गांव की कथित फर्जी ग्रामसभा का मामला सदन में गूंजा, मंत्री ओपी चौधरी ने जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कार्रवाई का दिया भरोसा, विपक्ष का वॉकआउट।
इंदर कोटवानी..
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में अल्दा गांव की कथित फर्जी ग्रामसभा के आधार पर उद्योग स्थापना और जमीन आवंटन का मामला जोरदार तरीके से गूंजा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर सरपंच, सचिव और लाभार्थी उद्योगों को बचाने का आरोप लगाया। वहीं वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि जांच में फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव तैयार होने की पुष्टि हो चुकी है, फिर भी एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि ग्रामसभा का मूल रजिस्टर पंचायत सचिव के पास रहता है, ऐसे में सरपंच और सचिव के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
भूपेश बघेल ने यह भी मांग की कि जिस कथित फर्जी ग्रामसभा के आधार पर उद्योगों को लाभ मिला है, उन उद्योगों को दिया गया जमीन आवंटन तत्काल निरस्त किया जाए और संबंधित कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि एक वर्ष बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार लोगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।
जवाब में मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि ग्रामसभा प्रस्ताव में अनियमितताओं की जानकारी मिलने के बाद अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना की जा रही है। जांच पूरी होने पर जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत से जवाब प्राप्त होने तक संबंधित जमीन का आवंटन नहीं किया जाएगा।सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में नारेबाजी की और फर्जी ग्रामसभा मामले में कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार कर वॉकआउट किया।

