रायपुर- राजधानी रायपुर का नकटी गांव… जहां बुलडोजर कार्रवाई की गूंज अब सियासी तूफान में बदल गई है….। 85 मकानों पर हुई कार्रवाई के विरोध में आज कांग्रेस पूरी ताकत के साथ सड़क पर उतर आई है ….। कलेक्ट्रेट घेराव की कोशिश, पुलिस की बैरिकेडिंग, धरना, नारेबाजी और सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान… आखिर क्या है पूरा मामला,
रायपुर का नकटी गांव..जहां बुलडोजर की कार्रवाई अब सिर्फ प्रशासनिक मामला नहीं, बल्कि प्रदेश की सबसे बड़ी सियासी लड़ाई बनती नजर आ रही है,,। 85 मकानों पर चली कार्रवाई के बाद सियासत पूरी तरह गरमा गई है कांग्रेस हजारों कार्यकर्ताओं और प्रभावित ग्रामीणों के साथ सड़क पर उतर आई है,,,। कलेक्ट्रेट घेराव की कोशिश, पुलिस की बैरिकेडिंग, धरना, नारेबाजी और अब पूरे प्रदेश में आंदोलन का ऐलान… सवाल उठ रहे हैं कि क्या बुलडोजर की यह कार्रवाई अब सरकार के लिए नया राजनीतिक संकट बनने जा रही है? देखिए VCN TIMES की रिपोर्ट।

नकटी गांव में 85 मकानों पर हुई बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस ने रायपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेमन और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू बंजारे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता,कार्यकर्ता और प्रभावित ग्रामीण रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेटकी और रवाना हुए । हलाकि कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे ह । प्रदर्शन में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, अनीता शर्मा, कुलदीप जुनेजा, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे दास जी साहू प्रदेश अध,आदि शक्ति गौ माता सेवा समिती छ.ग. समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस की मांग है कि विरोध करने वाले ग्रामीणों पर दर्ज बलवा सहित अन्य धाराएं वापस ली जाएं और जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें राहत और पुनर्वास दिया जाए। पार्टी का आरोप है कि बरसात के मौसम में की गई कार्रवाई से दर्जनों परिवार बेघर हो गए हैं और उनके सामने रहने व रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है=
कांग्रेस ने इस मुद्दे को अब प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप देने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। फिलहाल रायपुर में धरना-प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
उधर, नकटी गांव की बुलडोजर कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हैं। भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं में भी इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी की चर्चाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, ऐसी चर्चाओं के बीच सार्वजनिक रूप से कुछ नेताओं ने सरकार के बजाय कार्रवाई करने वाले अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर अब सरकार का अगला कदम क्या होगा और प्रभावित ग्रामीणों को क्या राहत मिलेगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं

