तिल्दा-नेवरा में दिनदहाड़े चाकूबाजी, सरस्वती स्कूल के दो छात्रों के बीच विवाद ने लिया हिंसक रूप
तिल्दा-नेवरा में स्कूली छात्रों के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। 11वीं कक्षा के दो छात्रों के बीच चाकूबाजी में एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है और उसे रायपुर रेफर किया गया है। स्कूल के बाहर हुई इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर कम उम्र के बच्चे इतनी हिंसक प्रवृत्ति की ओर क्यों बढ़ रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक मृतक और घायल दोनों छात्र सासाहोली स्थित सरस्वती स्कूल में 11वीं कक्षा के विद्यार्थी हैं। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पिछले कई दिनों से आपसी रंजिश चल रही थी। शुक्रवार को स्कूल की छुट्टी के बाद बाहर घात लगाए बैठे एक छात्र ने दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमले के दौरान बचाव करते हुए छात्र ने चाकू छीन लिया और पलटवार कर दिया। इसी दौरान दूसरे छात्र को गंभीर चोट लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरा छात्र भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पहले मिशन अस्पताल ले जाया गया और बाद में रायपुर रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं घायल छात्र का इलाज जारी है। पुलिस का कहना है कि घायल छात्र के बयान के बाद पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले में कुछ अन्य छात्रों की भूमिका भी हो सकती है। हालांकि पुलिस फिलहाल जांच पूरी होने तक कुछ भी स्पष्ट रूप से बताने से बच रही है।
इस दर्दनाक घटना के बाद मृतक छात्र के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किशोर उम्र के बच्चे इतनी छोटी-छोटी बातों पर हिंसा का रास्ता क्यों चुन रहे हैं? स्कूलों में बढ़ती आक्रामकता और युवाओं में हिंसक मानसिकता अब समाज और अभिभावकों दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।

