“जनता के आवेदन आज भी फाइलों में दबे, अधिकारी शिविरों से नदारत”
तिल्दा नेवरा-सुशासन तिहार” को कांग्रेस ने पूरी तरह ढकोसला करार दिया है। कांग्रेस के रायपुर जिला ग्रामीण कोषाध्यक्ष मोतीलाल हिंदूजा ने आरोप लगाया कि सरकार का यह कार्यक्रम केवल प्रचार और दिखावे तक सीमित होकर रह गया है, जबकि जनता आज भी अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है।
सोमवार को बीएनबी उच्चतर माध्यमिक शाला परिसर में आयोजित सुशासन तिहार शिविर का जिक्र करते हुए हिंदूजा ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे थे, लेकिन कई विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि इससे सरकार के दावों की पोल खुल गई है।

हिंदूजा ने बताया कि शिविर में सबसे अधिक आवेदन नगर पालिका क्षेत्र की समस्याओं को लेकर आए। लोगों ने साफ-सफाई, सड़क, स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की शिकायतें दर्ज कराईं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति नगर पालिका की बदहाल व्यवस्था को उजागर करती है, जहां छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी लोगों को शिविरों में आवेदन देना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग में भी बड़ी संख्या में आवेदन पहुंचे, लेकिन विडंबना यह है कि जिन अधिकारियों के खिलाफ लोग शिकायत कर रहे हैं, उन्हीं अधिकारियों के भरोसे शिकायतों के निराकरण की जिम्मेदारी छोड़ दी गई है। इससे जनता में भारी नाराजगी है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले वर्ष सुशासन तिहार में जिन लोगों ने आवेदन दिए थे, उनमें से अधिकांश मामलों का आज तक निराकरण नहीं हो पाया है। पीड़ित लोग सालभर राजस्व विभाग और नगर पालिका कार्यालयों के चक्कर काटते रहे, लेकिन समाधान नहीं मिला। मजबूरी में वही लोग इस बार फिर आवेदन लेकर शिविरों में पहुंचे।
मोतीलाल हिंदूजा ने कहा कि सरकार को केवल शिविर लगाकर फोटो खिंचवाने और घोषणाएं करने के बजाय अधिकारियों पर सख्ती करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अफसरों को यह समझना होगा कि वे जनता के सेवक हैं और जनता उनकी मालिक है। यदि समय पर शिकायतों का निराकरण नहीं किया जाता तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में सरकार के खिलाफ जनआंदोलन तेज किया जाएगा।

