Homeछत्तीसगढ़निलंबित आईपीएस जीपी सिंह बर्खास्त,

निलंबित आईपीएस जीपी सिंह बर्खास्त,

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सीनियर आईपीएस जीपी सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। चुनावी साल में किसी पुलिस अफसर पर ये बड़ी कार्रवाई की तरह है। पिछले साल 2022 में जीपी सिंह को गिरफ्तार किया गया था। अब इस आईपीएस अफसर जीपी सिंह को कंपलसरी रियाटरमेंट दे दिया गया है। जीपी सिंह पर राजद्रोह का मामला चल रहा है। फिलहाल वे जमानत पर हैं। मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स ने उनके कंपलसरी रिटायरमेंट की अनुशंसा कर दी है और आदेश राज्य के होम डिपार्टमेंट के पास भेज दिया है।

जीपी सिंह पर 2022 में छत्तीसगढ़ सरकार ने राजद्रोह का केस दर्ज किया था। इस मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि बाद में हाईकोर्ट से जमानत ले ली थी। लेकिन इस आदेश के बाद उनकी सेवा समाप्त हो जाएगी। जीपी सिंह को लेकर एक अफवाह ये भी फैल गई कि उन्हें बर्खास्त किया गया है, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है।

जानकारों के मुताबिक दोनों में फर्क है। टर्मिनेशन के बाद पेंशन संबंधी सुविधाएं नहीं मिलतीं, जबकि अनिवार्य सेवानिवृत्ति में ये बरकरार रहती हैं। टर्मिनेशन को एक बड़ा दंड माना जा सकता है, जबकि अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर ये बात लागू नहीं होती।

सिंह को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के लिए बाकायदा एक समिति बनाई गई थी। यह प्रक्रिया है। राज्य शासन से अनुशंसा के बाद केंद्र यह समिति बनाती है। सिंह के मामले में राजस्थान के आईपीएस अफसर के नेतृत्व में यह समिति बनी थी। इसकी अनुशंसा पर मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स ने फैसला लिया। नियमों के मुताबिक 20 साल की सेवा या 50 साल की उम्र पूरी करने के बाद कंपलसरी रिटायरमेंट के लिए अनुशंसा की जा सकती है।

कुछ प्लानिंग कर रहे थे

जब जुलाई 2021 में GP सिंह के सरकारी आवास और अन्य ठिकानों पर छापा पड़ा तो ये बात सामने आई कि वो कुछ प्लानिंग कर रहे थे। इसे ही आधार बनाकर उन पर राजद्रोह का केस किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया है कि सस्पेंड किए गए ADG सिंह सरकार के खिलाफ साजिश रच रहे थे। विधायकों और अफसरों के खिलाफ भी डायरी में बातें मिली थीं।

5 पेज का डॉक्यूमेंट मिला

ACB ने अपनी जांच में जो कागज हासिल किए थे, उसके बाद दावा किया गया है कि जानबूझकर सरकार के खिलाफ बातें लिखी गईं। इससे लोगों के मन में सरकार के प्रति नफरत पैदा हो और असंतोष का माहौल बने। अकेले जीपी सिंह के घर पर ही नहीं, बल्कि इनके दोस्त SBI के मैनेजर मणि भूषण के घर की तलाशी लेने पर भी 5 पेज का डॉक्यूमेंट मिला था। जिसमें अंग्रेजी में विधायकों और छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के अलावा कुछ IAS अफसरों के खिलाफ भी बातें लिखी मिली थीं।

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