इंदर कोटवानी की रिपोर्ट
तिल्दा नेवरा-इन दिनों शहर में एक झोला छाप डॉ काफी सुर्खियों में है.शहर के हर गलियारे में उनकी की बड़ी चर्चा है। बतया जाता है की शहर में जो भी कार्य होते हैं उनके बगैर पूछे आगे नही बढ़ते । फिर चाहे पालिका प्रशासन के निर्माण कार्य हो या किसी निजी निर्माण का कार्य हो ।यदि कोई अपनी जमीन पर मकान या दुकान का निर्माण है और इस तथा कथित डॉक्टर साहब से नहीं मिला अथवा सहमती नही ली गई तो उसके पास नगर पालिका से निर्माण कार्य रोके जाने का नोटिस आ जाता है। साथ ही राजस्व विभाग का कर्मी भी कार्य रुकवाने पहुंच जाता है।

कुछ दिन पहले गुरु घासीदास चौक के पास कई सालों से रखें ठेलों को नगर पालिका के द्वारा हटाया गया था।दरअसल यह विधुत विभाग के लिए एक सब स्टेशन बनाने निर्माण कराया जाना प्रस्तावित था अब निर्माण कार्य तेजी जारी है
हद तो तब हो गई जब सब स्टेशन का निर्माण कार्य पूर्ण होने के पहले डॉ साहब ने पालिका प्रशासन की मिलीभगत से अतिक्रमणकारियों को दोबारा उसी जगह पर अवैध कब्जा करने की अनुमति दे दी जहा से उन्हें पालिका प्रशासन के काफिले के साथ पहुंच कर अधिकारियो के द्वारा हटाया गया था ।

पहले हटाया दोबारा उसी जगह पर अवैध कब्जा करने की अनुमति
बताया जाता है कुछ दिन पहले एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें एक व्यक्ति के द्वारा कब्जे वाली जमीन पर दुकान का निर्माण कराया जा रहा था । .आडियो में डाक्टर उस व्यक्ति से मिलने के लिए कह रहा है। चर्चा तो इस बात की है कि शहर में यदि कोई अवैध कार्य करता है उसके लिए भी पहले डॉ साहब से सहमती लेनी पड़ती है। अभी एक ताजा मामला एक पुरानी टंकी को तोड़ने का सामने आया है।
चर्चा है कि लाखो की लागत से बनी टंकी को जर्जर बताकर गिराया जा रहा है,टंकी वाली जमीन को बेच दिए जाने की चर्चा है. बताया जाता है कि 16 नंबर वार्ड के पार्षद ने टंकी को गिराने के लिए अपने लेटर पैड पर नगरपालिका को लिख कर दिया है। टंकी को गिराए जाने जाने की जानकारी मिलने के बाद वार्ड वासियों में रोष है। बताया जा रहा है कि इसके पहले भी दो टंकियां गिराई जा चुकी है लेकिन जिस मकसद से टंकियो को हटाया गया था वह तो पूरा नहीं हुआ लेकिन हटाने वालों का मकसद जरूर पूरा हो गया ।तीस साआल से बनी टंकियो गिराकर उस जमीन को लको रुपयों में बेच दिया गया,लेकिन पालिका के खाते में एक रपय भी जमा नही किया गया आज उस जमीन पर बड़ी-बड़ी दुकान बन गई है।ये दुकाने नगर पालिका की नहीं बल्कि धन्ना सेठो की है।
बताया जाता है कि तथा कथित शहर के इस झोला छाप डॉ ने एक गैंग बना रखी है जिसमें कुछ दलाल नुमा लोगों के साथ कुछ भाजपा और कांग्रेस पार्षद भी शामिल है । इन लोगों के द्वारा यह जानकारी जुटी जाती है की शहर में कहा और किसके द्वारा निर्माण कराया रहा है। उसके बाद नगर पालिका प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किया जाता है । इस कार्य में तहसील और एसडीएम कार्यालय के भी इनका सहयोग करते हैं।
नोटिस जारी होने के बाद सौदे बाजी होती है उसके बाद ही निर्माण कार्य करने वाले का कार्य आगे बढ़ता है। इतना ही नहीं शहर मैं जो कबाड़ का धंधा चलता है उसमें भी इनकी दखंलनदाजी रहती है। अभी तक इस तरह के आरोप पुलिस पर लगाते थे लेकिन यहां पुलिस आरोप लगने के बजाय डॉक्टर की गैंग पर लोग आरोप लगा रहे हैं।टंकी को तोड़ने और विद्युत सब स्टेशन की जगह हटाए गए अतिक्रमण धारियों को उसी जगह पर अवैध कब्जा करने की अनुमति दिए जाने के बारे में जब को नगर पालिका अधिकारी ठाकुर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। रहस्य सवाल टंकी गिरी जाने का तो वार्ड पार्षद के द्वारा लेटर पैड पर लिखित में दिए जाने के बाद टंकी को गिराया जा रहा है। शिवम ने कहा कि वहां क्या बनेगा अभी तय नहीं हो पाया है।
शहर में दो दर्जन से भी अधिक लोगों के पास नगर पालिका के द्वारा नोटिस जारी किया जा चूका है .जिसे लोगो ने नोटिस को लोगो ने संभाल कर रखा हुआ है। लेकिन किसी भी निर्माण करता के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं की गई आज वे सारे मकान दुकान पूरी तरह से बन कर तैयार हो चुके हैं. इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि आखिर नोटिस जारी क्यों किया जाता है?. आज भी कई ऐसे दुकान बन रहे हैं जिनको नोटिस दिया गया है लेकिन उनका निर्माण तेजी के साथ चल रहा है।
बताया जा रहा है कि टंकी को गिराकर उस जमीन को बेचे जाने की चर्चा के बाद क्षेत्रीय विधायक छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री टंकराम वर्मा ने भी नाराजगी जताई है। हालांकि इस संदर्भ में मंत्री जी से चर्चा नहीं हो पाई है। कुछ भाजपा के पार्षद भी डॉक्टर के कार्यों से नाराज है.टंकी तोड़े जाने के बाद अंदर ही अंदर राजनीति शुरू हो गई है. व्हाट वासियों ने अब यहां भगवान शिव का मंदिर बनाने का ऐलान कर दिया है देखते हैं आगे क्या होता है।

