Tuesday, February 17, 2026
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छत्तीसगढ़ : बुजुर्ग की हत्या के आरोप में एसडीएम समेत चार गिरफ्तार

बलरामपुर, 16 फरवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बुजुर्ग व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने क्षेत्र के अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

बलरामपुर जिले के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया कि जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हंसपुर गांव के करीब राम (62) उर्फ रामनरेश की हत्या के आरोप में पुलिस ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और कुसमी क्षेत्र के एसडीएम करुण डहरिया तथा तीन अन्य विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव और सुदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि रविवार देर रात डहरिया, सिंह, मंजीत और सुदीप एसडीएम के शासकीय वाहन में सवार होकर हंसपुर गांव की ओर रवाना हुए थे। जब वह गांव के करीब थे तब उन्होंने वहां ग्रामीणों पर बॉक्साइट का अवैध खनन कर परिवहन करने का आरोप लगाया और डंडे से उनकी पिटाई शुरू कर दी।

बैंकर ने बताया कि इस घटना में राम उर्फ रामनरेश, अजीत राम (60) और आकाश अगरिया (20) को चोट पहुंची। घटना के बाद तीनों को कुसमी स्थित अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने रामनरेश को मृत घोषित कर दिया। अन्य दो लोगों का इलाज किया जा रहा है।

अधिकारी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने एसडीएम समेत चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया तथा मामले की जांच शुरू की गई। जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस अधीक्षक ने बताया, ”पूछताछ में आरोपियों ने जानकारी दी है कि वह क्षेत्र में बॉक्साइट का अवैध उत्खनन रोकने गए थे। लेकिन एसडीएम अपने साथ निजी व्यक्तियों को क्यों लेकर गए थे, इसकी जांच की जा रही है।”

घटना की जानकारी मिलने के बाद सर्व आदिवासी समाज, स्थानीय ग्रामीण और कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने मृतक परिवार को मुआवजा और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर कुसमी में चक्का जाम कर दिया और नारेबाजी की।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्रामीण जब अपने खेत की सिंचाई कर वापस लौट रहे थे तब एसडीएम और उनके लोगों ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया, ”घटना से आक्रोशित लोगों ने चक्का जाम करने की कोशिश की। जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी उन्हें लगातार समझाने का प्रयास कर रहे हैं। स्थिति नियंत्रण में है। क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।”राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे प्रशासनिक आतंकवाद कहा है तथा राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

बघेल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ”भाजपा के सुशासन में चल रहे ‘प्रशासनिक आतंकवाद’ ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ के एक मासूम ग्रामीण को अपना शिकार बना लिया। आरोप है कि बलरामपुर में अपने खेत में सिंचाई करके लौट रहे किसानों को कुसमी के एसडीएम और नायब तहसीलदार ने पांच-छह लोगों के साथ मिलकर जमकर पिटाई कर दी।

एसडीएम और उनके साथियों ने उन्हें इस कदर पीटा कि इस पिटाई से घायल एक किसान की मौत हो गई और दो किसान अस्पताल में भर्ती हैं। सारा मामला बॉक्साइट के अवैध उत्खनन से जुड़ा हुआ है, चंद दिनों पहले ग्रामीणों ने अवैध रूप से बॉक्साइट उत्खनन कार्य में लगे एक ट्रक को पकड़ा था, इसका परिणाम उन्हें अपनी जान गवां कर चुकाना पड़ा। पूरी की पूरी भाजपा सरकार और उसके अधिकारी आकंठ भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और भ्रष्टाचारियों को पोषण देने में लगे हुए हैं।”

वहीं राजनांदगांव क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडेय ने कहा है कि राज्य सरकार मामले की पूरी संवेदनशीलता से जांच कर रही है।पांडेय ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, ”सरकार और प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ इस मामले की जांच कर रहे हैं। कांग्रेस हर मामले में ओछी राजनीति करने की आदी है। भूपेश बघेल के शासनकाल में हुई अराजकता को जनता भूली नहीं है। सूरजपुर, कोण्डागांव और गरियाबंद जैसी घटनाओं में कांग्रेस से जुड़े लोगों के नाम सामने आए थे। कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबां में झांकना चाहिए।”

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