तिल्दा नेवरा शहर में जुआ व सट्टे का कारोबार बेखौफ खुलेआम संचालित हो रहा है। पुलिस को इसकी जानकारी होने के बावजूद अनजान तमाशबीन बनी हुई है . कभी चोरी-छिपे चलने वाला सट्टा बाजार आजकल खुलेआम संचालित हो रहा है। ओपन, क्लोज और रनिंग के नाम से चर्चित इस खेल में जिस प्रकार सब कुछ ओपन हो रहा है .इससे साफ जाहिर होता है की .इस खेल में खाईवाल को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है .हलाकि पुलिस दावा कर रही है की सट्टा पट्टी लिखे जाने उनको नही है .शिकायत मिलने पर कार्रवाई जरुर करेगी ..

शहर में सट्टे का कारोबार,खुले आम चल रहा है ..और पुलिस सब कुछ देखकर भी तमाशबीन बनी हुई है.यही कारण है की सटोरियो में कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है उनके द्वारा बकायदा दुकान में काउंटर खोलकर सट्टापर्ची, ली जा रही है . खेल के बढ़ते कारोबार का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि महिलाएं एवं बच्चे भी दिन-रात अंकों के जाल में उलझे रहते हैं। प्रमुख खाईवाल के एजेंट जो पट्टी काटते हैं प्राय: हर गली-मोहल्ले में आसानी से पट्टी काटते नजर आते है . । इनमें से कुछ आदतन किस्म के लोग ,ओव्हरब्रिज के पास और वार्ड 3 अन्य जगहों में खुलेआम पट्टी लिखकर मोबाइल के माध्यम से भी इस अवैध कारोबार को संचालित करते है सट्टे की जानकारी शायद पुलिस को छोड़कर सभी को है।

शहर के लोगो के द्वरा जानकारी मिलने के बाद जब हरिभूमि की टीम वार्ड 3 में पहुंची.. तो सट्टा लिखवाने वालो का आना जाना लगा हुआ था.. जैसे ही लोगो की नजर कैमरे पड़ी काउंटर को बंद कर दिया गया .उसके बाद टीम ओवर ब्रिज के पास पहुची वहा सट्टा लिखवाने वालो का मेला लगा हुआ था तीन लोग पर्ची काटने में लगे हुए थे ,इसी बीच लोगो की नजर कैमरे पर पद गई और वहा अफरा तफरी मच गई .सट्टा पट्टी लिखने वाले के साथ लोग भागकर निकल गए ..और फिर वहां से भागकर किसी दुसरे स्थान पहुच अपने धंधे में लग गए ..लेकिन जिस प्रकार बिना भय के सट्टा लिखा जा रहा था और खलने वालो की भीड़ लगी हुई थी .उससे यह कहना गलत नही होगा की बिना पुलिस संरक्षण के इस तरह खुलेआम सट्टे का कारोबार कोई माई लाल नहीं कर सकता है.
अब सवाल यह उठता है कि. क्या शहर में इस तरह खुलेआम चल रहा सट्टा कारोबार बिना पुलिस के संरक्षण के चल सकता है? सट्टे का व्यवसाय जहां संचालित हो रहा है वह स्थान थाने से लगभग 500 मीटर दूरी पर है. एक सटोरिया के द्वारा जिस जगह खुलेआम सट्टा लिखा जाता है .उस स्थान के पास से गुजरी रेलवे ओवर ब्रिज से पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी का दिन में 10 से भी अधिक बार आना जाना होता है ..
वर्जन :
इस संदर्भ में जब तिल्दा नेवरा टीआई रमाकांत तिवारी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि इस तरह की कोई जानकारी हमारे पास नहीं है यदि ऐसा हो रहा है तो गलत है हम ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे..
डीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि यदि शहर में सट्टा चल रहा है तो हम सटोरियों पर बड़ी कार्रवाई करेंगे सटोरिया कितनी भी पहुंच वाला हो उस पर पुलिस कार्रवाई करेंगी

