बिलासपुर-छत्तीसगढ़ बिलासपुर के मस्तूरी ब्लॉक में एक शराबी शिक्षक का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में शिक्षक बच्चों और महिला शिक्षकों के सामने क्लास रूम में शर्ट उतारकर बैठा नजर आ रहा है . ग्रामीणों का आरोप है कि वह रोज नशे में स्कूल आता है और गाली-गलौज करता है. शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
कहते हैं यदि किसी पीढ़ी को संवारना है तो शिक्षा उसका जरिया है। लेकिन अगर शिक्षा के मंदिर में जब राष्ट्र का निर्माता कहे जाने वाला शिक्षक इस तरह शराब के नशे में आए तो आप क्या उम्मीद कर सकते हैं ? कि आपकी अगली पीढ़ी सेफ है, सुरक्षित है। शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली यह तस्वीर बिलासपुर के मस्तूरी ब्लाक के एक प्राइमरी स्कूल की है जहां शराबी शिक्षक नशे की हालत में स्कूल पहुंचा है .आरोप है कि टीचर आए दिन शराब पीकर स्कूल आता है और बच्चों के साथ गाली-गलौज और मारपीट करता है।

देखिए क्लास में बच्चे बैठे हैं, वहीं, चेयर पर बैठा टीचर इतने नशे में था कि उसके मुंह से सही तरीके से आवाज तक नहीं निकल रही है । उसकी जुबान तक लड़खड़ा रही है ।इस संबंध में VCN टाइम्स की टीम ने जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे और मस्तूरी विकासखंड शिक्षा अधिकारी शिवराज टंडन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया। ग्राम सोन स्थित प्राइमरी स्कूल में विश्वकर्मा प्रसाद कश्यप शिक्षक के पद पर कार्यरत है। बीते 14 अक्टूबर को वह शराब के नशे में स्कूल पहुंचा। दोपहर करीब एक बजे टीचर ने पहले स्कूल के शिक्षकों से अभद्रता करते हुए गाली-गलौज की। जिसके बाद अपनी शर्ट उतार कर महिला शिक्षकों और बच्चों के सामने कुर्सी में बैठ गया।

शराब के नशे में स्कूल पहुंचकर बिना शर्ट कुर्सी पर बैठे शिक्षक का किसी ने वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।शिक्षक के इस हरकत पर सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह के कमेंट्स भी कर रहे हैं। वहीं, शिक्षा विभाग के अफसरों ने वायरल वीडियो की सच्चाई की जांच कर दोषी टीचर पर कार्रवाई करने की बात कही है।इस वायरल वीडियो पर बच्चों के पेरेंट्स के साथ ही स्थानीय लोगों ने टीचर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका आरोप है कि विश्वकर्मा प्रसाद कश्यप आदतन शराबी है, वो रोज शराब के नशे में स्कूल आता है। जहां वो शिक्षक और बच्चों के साथ गाली-गलौज करता है.
स्कूलों में शिक्षकों का शराब पीकर नशे में आना कोई नई बात नहीं है। आए दिन इस तरह की तस्वीरें सामने आती रहती है। 15 दिन पहले 30 अगस्त को कोरबा के करतला ब्लॉक के परसा भाटा प्राथमिक स्कूल में हेड मास्टर शराब के नशे में स्कूल पहुंचा था और कुर्सी में बैठते ही सो गया था।
बता दे कि इसी तरह एक वीडियो जशपुर के बगीचा स्कूल के एक टीचर की वायरल हुई थी जिसमें शराब पीकर स्कूल पहुंचा टीचर कह रहा है मैं दो लिटिल पैक पीकर स्कूल आया हूं।बड़ी बात तो यह भी है की शराब पीने वालों में सिर्फ पुरुष शिक्षक की नहीं महिलाएं शिक्षकों का भी नशे में वीडियो वायरल हो चुका है। इस तरह के वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भी आपत्ति दर्ज कर चुके हैं।

नई शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने तो यहां तक कहा था कि यदि कोई शिक्षक शराब के नशे में स्कूल आता है तो उन्हें पनिशमेंट के बताओ दूरस्थ इलाके के स्कूलों में भेजा जाएगा । उनके इस तरह के बयान दिए जाने के बाद किसी शिक्षक को बस्तर या अन्य जगहों पर तो नहीं भेजा गया है बल्कि शराबी शिक्षकों की संख्या बढ़ गई है। सरकारी कई तरह के कानून बनाती है लेकिन शराबी शिक्षकों पर ऐसा क्यों कानून नहीं बनाया जाता जिसमे यह नियम रहे कि जो भी शिक्षक शराब के नशे में स्कूल आएगा उसे तत्काल बर्खास्त कर, नौकरी से निकाल दिया जाएगा। जब इस तरह के कानून बनेंगे तो निश्चित रूप से शराबी शिक्षकों पर इसका असर होगा। वीसीएन टाइम्स की रिपोर्ट

