Wednesday, February 25, 2026
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रायपुर और बिलासपुर में ED की दबिश,रायपुर में रहेजा बिलासपुर में सुल्तानिया ग्रुप समेत अन्य के यहां कार्रवाई जारी

रायपुर: छत्तीसगढ़ में ED की कार्रवाई लगातार जरी है आज सुबह  राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर के कुछ बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर ED की टीम ने दबिश दी है। ED की टीम सुबह से ही कारोबारियों के ठिकानों पर पहुंची है और जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में ED की टीम ने शुक्रवार सुबह रायपुर, बिलासपुर और धमतरी में कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। ED के मुताबिक ये छापा कस्टम मिलिंग घोटाले से जुड़ा है। घोटाले के पैसों से प्रॉपर्टी की खरीदी-बिक्री की गई है। इसी को लेकर ED की टीम जांच कर रही है।

ED ने रायपुर में रहेजा ग्रुप ठिकानों पर छापेमारी की है। ED के अफसर दस्तावेज खंगाल रहे हैं।

 

ED ने रायपुर में रहेजा ग्रुप के ठिकानों पर छापा मारा है। बिलासपुर में सुल्तानिया ग्रुप के मीनाक्षी सेल्स के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापेमारी की गई है। सुबह से ED की टीम घर के अंदर दस्तावेज खंगाल रही है।

25 जुलाई 2025 को 140 करोड़ की कस्टम मिलिंग स्कैम केस में रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर से EOW ने पूछताछ की। 2700 मिलर्स से वसूली मामले में 3500 पेज का चालान कोर्ट में पेश हो चुका है। EOW दूसरा चालान जल्द पेश करने की तैयारी में है।

EOW के मुताबिक मनोज सोनी ने 33 जिलों से वसूली का जिम्मा अनवर ढेबर को दिया था। वहीं अनवर ने शराब दुकान के लिए प्लेसमेंट एजेंसी चलाने वाले सिद्धार्थ सिंघानियां को जिम्मेदारी दी थी। सिद्धार्थ ने शराब दुकान के कर्मचारियों के माध्यम से कमीशन की वसूली कर पैसा रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा के पास रायपुर पहुंचाया।

EOW के मुताबिक टुटेजा के माध्यम से मनोज और रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचा। स्कैम के सिंडिकेट ने प्रति-क्विंटल 20 रुपए ‘कट’ फिक्स किया था। इसमें मनोज सोनी सिंडिकेट ऑपरेट करता था। अनवर ढेबर के ऑर्डर पर 33 जिलों में वसूली हुई, जबकि कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के पास पैसा स्टोर होता था।

दरअसल, 2023 में ED को शिकायत मिली थी कि छत्तीसगढ़ में बड़ी तादाद में कस्टम मिलिंग घोटाला हुआ है। इसके बाद अक्टूबर 2023 में ED की टीम ने मार्कफेड के तत्कालीन एमडी मनोज सोनी के खुशी वाटिका स्थित घर और प्रदेश के कुछ राइस मिलर्स के ठिकानों पर दबिश दी।

इस दौरान 2 दिन की जांच के बाद ED के अफसरों ने खुलासा किया कि मनोज सोनी ने करोड़ों की रिश्वत ली है। मार्कफेड के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के राइस मिलर्स को कस्टम मिलिंग का भुगतान करने के नाम पर 140 करोड़ से ज्यादा की वसूली की है।

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