रायपुर छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचकर चैतन्य बघेल से मुलाकात की। पायलट इसी मामले में जेल में बंद कवासी लखमा से भी मिले.जेल से बाहर निकलकर मीडिया से कहा कि भाजपा के खिलाफ बोलने वालों पर ED के छापे पड़ रहे हैं। बिना नोटिस और समन भेजे ही कार्रवाई की जा रही है। एजेंसियों का उपयोग सिर्फ विरोधियों की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है।पायलट ने कहा कि पिछले 10 साल में किसी भाजपा नेता के यहां छापा नहीं पड़ा, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने हसदेव और तमनार में जंगल काटे जाने का विरोध किया। इसलिए कांग्रेसियों को टारगेट किया जा रहा है। हम सबको पूरा भरोसा न्याय पालिका पर है ..

जेल में चैतन्य और लखमा से मिलने गए सचिन पायलट के साथ नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत.सह प्रभारी और कांग्रेस के पूर्व महासचिव गिरीश देवाग भी साथ थे। जबकि जेल के बाहर पूर्व के पूर्व मंत्री शिव डहरिया विनोद वर्मा, सहित सभी बड़े नेता मौजूद थे। इस दौरान पत्रकारों के द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता हमारा परिवार का सदस्य है। उन्होंने दिल्ली में हुए सम्मेलन को ऐतिहासिक बताते हुए राहुल गांधी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सम्मेलन में ओबीसी का खुलकर समर्थन करने का निर्णय लिया है। पायलट ने भाजपा को झूठे वादा करने वाली पार्टी बताते हुए कहा कि भाजपा झूठ के सहारे सरकार में आई है
उधर पायलट के दौरे पर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने तंज कसा है। उनके मुताबिक दिल्ली में पप्पू और छत्तीसगढ़ में बिट्टू यही कांग्रेस की राजनीति बची है। कांग्रेस केवल परिवार तक सिमट गई है।
आपको बता दें कि, छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ED ने 22 जुलाई को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की ज्यूडिशियल रिमांड पर 4 अगस्त तक रायपुर जेल भेज दिया है। इससे पहले ED ने चैतन्य से 5 दिन तक पूछताछ की थी।
ED के वकील सौरभ पांडेय ने कहा कि एविडेंस के मुताबिक शराब घोटाले से चैतन्य बघेल के तार जुड़े हुए हैं। इसी आधार पर उनके घर पर छापेमारी की गई। पूछताछ में चैतन्य से सही जवाब नहीं मिले। जांच के लिए कस्टडी की आवश्यकता थी, जिसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत गिरफ्तारी की गई है। अगर कोई आरोप लगा रहा है तो वह उचित नहीं है।
ED के अनुसार, लीकर स्कैम में पूछताछ में शराब कारोबारी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू ने EOW को बयान दिया था कि, उसने और चैतन्य बघेल ने मिलकर 1000 करोड़ से ज्यादा घोटाले की रकम को हैंडल किया। यह कैश अनवर ढेबर ने दीपेन चावड़ा को पहुंचाया। यह पैसा बाद में राम गोपाल अग्रवाल को दिया गया।
इसकी व्यवस्था चैतन्य बघेल के साथ मिलकर की गई और उसी के कहने पर 1000 करोड़ में से 100 करोड़ नगद केके श्रीवास्तव को दिया गया। पप्पू बंसल ने पूछताछ में ये भी स्वीकार किया है कि शराब घोटाले से उसे 3 महीने में 136 करोड़ रुपए मिले हैं। अनवर ढेबर और नीतेश पुरोहित के बीच चैट में हुई बातचीत में इसकी जानकारी है।

