5 को होगा शुक्र का उदय, 9 से 15 विवाह के लिए शुभ, इसके बाद नवंबर में ही होंगे विवाह आयोजन.

शुक्र का तारा अस्त होने से दो माह बजेगी शहनाई, मई-जून में नहीं थे मुहूर्त..
तिल्दा नेवरा-शुक्र का तारा अस्त होने के कारण दो माह बाद जुलाई महीने में मांगलिक कार्य हो सकेंगे, लेकिन जुलाई माह में चूके तो फिर विवाह बंधन में बंधने के लिए चार महीने का इंतजार करना पड़ सकता है।आमतौर पर यहां मई व जून के माह में जमकर शादियां होती है। लेकिन इस वर्ष अप्रैल माह के बाद मई और जून के माह में शादी विवाह का कोई मुहूर्त नहीं होने से अब अगले माह के सात मांगलिक मुहूर्त में ही कन्या व लड़के का विवाह करना पड़ेगा।
दरअसल गत मई और इस जून माह में शुक्र के अस्त होने से विवाह के लिए मांगलिक मुहूर्त नहीं है। वहीं आगामी माह में 5 जुलाई से शुक्र के उदय होने के बाद शादियां हो सकेगी,
लेकिन जुलाई माह में भी विवाह योग जातक को शादी के लिए मात्र 7 दिन ही शुभ मुहूर्त मिलेंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष शर्मा के अनुसार इसमें भी 9,11और 15 जुलाई सर्वश्रेष्ठ रहेंगे। वहीं जुलाई माह में 9.10.11. 12.13.14 और 15 तारीख को विवाह के लिए शुभ रहेगा।अगर जुलाई के इन सात दिनों में विवाह नहीं होता है तो फिर नवंबर माह में शुभ मुहूर्त में विवाह करना पड़ेगा, क्यों कि 17 जुलाई में देवशयनी एकादशी के बाद मांगलिक कार्य वर्जित हो जाएंगे। ऐसे में नवंबर माह से पहले इस वर्ष विवाह के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं बनेगा। वैसे तीन व चार जुलाई को दो नक्षत्र रोहिणी एवं मृगशिरा है लेकिन 5 जुलाई को शुक्र तारा उदय होने से इस दिन श्रेष्ठ मुहूर्त नहीं रहेगा।
नवंबर में 11 दिन शादियों के लिए शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पंडित आचार्य पवन शास्त्री रीवा वाले के अनुसार जुलाई माह के बाद अगस्त सितंबर और अक्टूबर माह में विवाह का कोई शुभ दिन नहीं है। इसके बाद नवंबर और दिसंबर माह में शादियां हो सकेगी। नवंबर माह में 11 दिन शादियों के मुहूर्त रहेंगे इस माह में 12.13,16,17 18,22,23,25,26,28 और 29 को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं।जबकि दिसंबर माह में परिणय सूत्र में बांधने के लिए केवल 6 मुहूर्त ही शुभ रहेंगे। दिसंबर माह में4,5,9,10,14 और 15 तारीख शुक्ल पक्ष की नवमी को अबूझ मुहूर्त में विवाह के लिए शुभ रहेगा। हालांकि गत 10 मई को अक्षय तृतीया के दिन अबूझ मुहूर्त रहने से विवाह जैसे मांगलिक कार्य संपन्न हुए थे, लेकिन इस साल कम मुहूर्त के कारण शादी के शुभ मुहूर्त वाले दिनों में जरूरी इंतजाम करने के लिए भी वर-वधु पक्ष को मशक्कत करनी पड़ सकती है।



